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प्रवीन तोगड़िया का बड़ा बयान, बोले- हिंदुओं को अपने पवित्र स्थलों पर पूजा करने का मिलना चाहिए पूरा अधिकार

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने धार की विवादित भोजशाला का दौरा कर वहां हिंदुओं के पूजा के पूर्ण अधिकार की मांग की और मुगलकालीन प्रथाओं को समाप्त करने पर जोर दिया.

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08 Apr 2026
( Updated: 08 Apr 2026
08:00 AM )
प्रवीन तोगड़िया का बड़ा बयान, बोले- हिंदुओं को अपने पवित्र स्थलों पर पूजा करने का मिलना चाहिए पूरा अधिकार
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को धार स्थित विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर का दौरा किया वहां हिंदू समुदाय द्वारा सत्याग्रह जारी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस स्थान पर हिंदू मंदिर के स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं, वहां नमाज कैसे अदा की जा सकती है? मुगल युग समाप्त हो चुका है. वर्तमान सरकारें धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. हिंदुओं को अपने पवित्र स्थलों पर पूजा करने का पूर्ण और निर्बाध अधिकार मिलना चाहिए.

प्रवीण तोगड़िया ने किया पुरातात्विक परिसर का निरीक्षण

सुबह सैकड़ों श्रद्धालु हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के लिए एकत्रित हुए और स्थल पर पारंपरिक पूजा-अर्चना की. यह स्थल वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (SIR) के अधिकार क्षेत्र में है. सत्याग्रह के बाद, तोगड़िया ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया. बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने 23 साल पहले भोजशाला के ताले खुलवाने के आंदोलन में अपनी भागीदारी को याद किया, जब एक लाख से अधिक लोग एकत्रित हुए थे.

तोगड़िया ने वाग्देवी के दर्शन कर आर्शीवाद लिया

उन्होंने कहा कि वे मां सरस्वती (देवी वाग्देवी) के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए वापस आए हैं. परिसर के भीतर दिखाई देने वाले हिंदू प्रतीकों (शिवलिंग, भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा, शंख और दीवारों पर उत्कीर्ण काल ​​सर्प योग चक्र शामिल) की ओर इशारा करते हुए तोगड़िया ने इस स्थल पर नमाज अदा करने की प्रथा पर सवाल उठाया.

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भोजशाला में वाग्देवी की प्रतिमा स्थापना की माँग

उन्होंने देवी वाग्देवी की मूल प्रतिमा की पुनःस्थापना, हिंदू पूजा के लिए पूर्ण अनुमति और विवादित संरचना में नमाज की अनुमति रद्द करने की पुरजोर मांग की. अदालत द्वारा आदेशित चल रहे वैज्ञानिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए तोगड़िया ने विश्वास व्यक्त किया कि शिलालेख, कलाकृतियां और निष्कर्ष भोजशाला के वास्तविक स्वरूप को उजागर करेंगे.

ASI रिपोर्ट में मंदिर के प्रमाणों का दावा

उन्होंने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट में पहले से मौजूद मंदिर संरचनाओं का संकेत दिया गया था और हिंदू अब तक काफी इंतजार कर चुके हैं. तोगड़िया ने हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के माध्यम से संगठन को मजबूत करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में देश भर में एक लाख स्थानों पर ऐसे पाठ आयोजित करने का लक्ष्य है ताकि 10 करोड़ हिंदू परिवारों से जुड़ा जा सके.

हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी

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उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे बेटियों को कम उम्र से ही सही-गलत की शिक्षा दें और उनकी सुरक्षा के लिए सामाजिक एकता और सतर्कता बनाए रखें. भोजशाला विवाद एक लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा है, जिसमें एएसआई की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (2024 में प्रस्तुत और 2026 में सार्वजनिक) में कमल मौला मस्जिद के निर्माण में मंदिर के अवशेषों के उपयोग को उजागर किया गया है. यह मामला वर्तमान में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायिक समीक्षा के अधीन है, जहां प्रतिदिन सुनवाई चल रही है. 

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