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यूपी में शुरू हुआ पोस्टर वार, लखनऊ में लगे होर्डिंग, अखिलेश के शासनकाल को बताया 'ल्यारी राज', योगी को बताया धुरंधर

यूपी के लखऊ से लेकर कई जिलों में लगे पोस्टर्स ने सियासत गर्म कर दिया है. इसमें अखिलेश यादव के शासन काल की तुलना धुरंधर फिल्म में दिखाए गए ल्यारी राज से की गई है, वहीं सीएम योगी को 'धुरंधर CM' बताया गया है.

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07 Apr 2026
( Updated: 07 Apr 2026
11:35 AM )
यूपी में शुरू हुआ पोस्टर वार, लखनऊ में लगे होर्डिंग, अखिलेश के शासनकाल को बताया 'ल्यारी राज', योगी को बताया धुरंधर
Dhurandhar Poster in Lucknow (Screengrab)
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यूपी की सियासत पर भी धुरंधर फिल्म का जबरदस्त असर हो रहा है. राजधानी लखनऊ में धुरंधर और ल्यारी गैंगवार की तुलना करते हुए पोस्टरवार शुरू हो गया है. VVIP इलाकों में धुरंधर के पात्रों को अखिलेश राज में हुए कथित अपराधों, लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से जोड़ते हुए जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं. इसमें 2012-17 के अखिलेश यादव के कार्यकाल को ‘ल्यारी राज’ बताया गया है, वहीं सीएम योगी को ‘धुरंधर CM’ के तौर पर दिखाया गया है.

लखनऊ के VVIP जोन में लगे धुरंधर वाले पोस्टर

आपको बताएं कि ये पोस्टर लखनऊ के प्रमुख चौराहों के साथ-साथ मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी लगाए गए हैं. ये पोस्टर ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ की ओर से लगाए हैं. इसके बाद से ही सियासी हलकों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. इसके अलावा बीजेपी की आगामी चुनाव की बदली रणनीति को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.

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पोस्टर में अखिलेश के शासन काल को बताया अखिलेश का 'ल्यारी राज'

इतना ही नहीं लखनऊ के अलावा यूपी के कई जिले मसलन अमेठी में भी सपा राज के खिलाफ पोस्टर लगे हैं. सपा शासनकाल की तुलना पाकिस्तान के ल्यारी राज से की गई है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के खिलाफ लगे होर्डिंग्स में उन्हें 'धुरंधर' के विलेन 'रहमान डकैत' की तरह दिखाया गया है. वहीं पोस्टर में नीचे लिखा है- अखिलेश का ल्यारी राज. वहीं होर्डिंग में दूसरी सीएम योगी की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर भी लगाई गई है. और नीचे लिखा गया है- धुरंधर सीएम. होर्डिग में जनता से सवाल भी पूछा गया है कि 'आपको क्या चाहिए?'

‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ ने लगाए पोस्टर

‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ ने होर्डिंग में अखिलेश की ल्यारी से तुलना वाली तस्वीर के नीचे उनके शासनकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली के दंगों को लेकर अखबारों में छपी खबरों की कटिंग भी लगाई है. वहीं, सीएम योगी की तस्वीर के नीचे माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी पर एक्शन की भी तस्वीर लगाई है.

आपको बताएं कि होर्डिंग पर ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के पदाधिकारियों के नाम भी हैं. मुख्यमंत्री आवास के पास लगे पोस्टर में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह, महामंत्री अभिनव तिवारी के नाम फोटो सहित लगे हैं. ये धुरंधर वाले पोस्टर सीएम योगी की बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को लेकर आयोजित कार्यक्रम में की गई अपील के एक दिन बाद लगी है. इसमें सीएम ने सपा शासनकाल को एक्सपोज करने की बात कही थी.

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CM योगी ने सपा शासनकाल को एक्सपोज करने का बजाया बिगुल

CM योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि लगातार सत्ता से दूर रहने से हताश और निराश हो चुके विपक्ष की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चलाए जाने वाले नकारात्मक नैरेटिव का शब्दों की मर्यादा में रहकर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वे खुद को मुस्तैद रखें. मुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विपक्ष की तरफ से मनगढ़ंत आरोपों का एक नया वार शुरू होगा, उस पर प्रतिवार और उसका प्रतिवाद करने के लिए भाजपा की बूथ स्तर की टीम खुद को मजबूत रखे.

विपक्ष के प्रोपेगेंडा को करना होगा एक्सपोज: CM

उन्होंने आगे कहा था कि बूथ लेवल कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे डबल इंजन सरकार के अच्छे कार्यों का प्रचार-प्रसार करते हुए अपने बूथ पर सजग और सतर्क रहें. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों ने यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वे हर दृष्टि से फेल होकर आज सोशल मीडिया का सहारा लेंगे. झूठे,  मनगढ़ंत आरोप लगाकर तमाम प्रकार के निगेटिव नैरेटिव सेट करने का वे प्रयास करेंगे. इसका जवाब देने के लिए बूथ स्तर के कार्यकताओं को तैयार रहना होगा. 

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पेपर की कटिंग्स निकालनी पड़ेंगी: CM योगी

डबल इंजन सरकार के कार्यों को मुस्तैदी से आगे बढ़ाने की अपील करते हुए उन्होंने आगे कहा था कि विपक्ष के निगेटिव नैरेटिव सेट करने की मंशा वाले लोगों के शासन में माफिया की गुंडागर्दी, फिरौती वसूली, बहन-बेटियों और व्यापारियों की असुरक्षा, पर्व-त्योहारों पर दंगे के चलते मातम जैसे माहौल के सभी दृश्य निकालने पड़ेंगे. पेपर की कटिंग्स निकालनी पड़ेगी. उस समय के दृष्टांत निकालने पड़ेंगे और शब्दों की मर्यादा में पूरी आक्रामकता के साथ जवाब देने के लिए अपने आप को तैयार करना होगा. 

 

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