‘PM मोदी ने खुद गल्फ देशों से बात की’ मिडिल ईस्ट तनाव पर राज्यसभा में विदेश मंत्री का संबोधन, विपक्ष ने की नारेबाजी
ईरान-इजरायल जंग को लेकर सदन में चर्चा हुई,. बजट सत्र के दूसरे फेज में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में भाषण दिया. उन्होंने कहा, भारत हमेशा बातचीत से समाधान के पक्ष में है.
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Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज में ईरान और मिडिल ईस्ट में तनाव पर चर्चा हुई. राज्यसभा में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग पर विदेश मंत्री एस जयशंकर अपना बयान दिया. इस दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की.
एस जयशकंर ने कहा, PM मोदी ने खुद गल्फ देशों से बात की है. सरकार ईरान और अन्य तनावपूर्ण देशों में मौजूद भारतीयों के संपर्क में है. उन्होंने ये भी बताया कि ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में थे. भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्रतिबद्धता है.
‘बातचीत से समाधान निकालने के पक्ष में है भारत’
एस जयशंकर ने कहा, डिप्लोमैटिक चैनलों से लगातार चर्चा जारी है. हम प्रभावित देशों में लगातार संपर्क में हैं. यहां के हालातों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री से हमने बात की है. भारत शांति के पक्ष में हैं. बातचीत से समस्या का समाधान निकालने के पक्ष में है. हम वहां की सरकारों के साथ मिलकर काम करने के पक्ष में हैं. ईरान के एक जहाज को हमने शरण दी है.
उन्होंने कहा , भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सजग है. खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. खाड़ी देशों में शांति और स्थिरता काफी चुनौती पूर्ण हैं। भारत सरकार की सभी हालात पर नजर बनी हुई है. खाड़ी देशों के हालात के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है. हमारी एंबेसी नागरिकों के संपर्क में है. हमने जनवरी में भी अलर्ट किया था.
'समय रहते लोगों को किया आगाह'
विदेश मंत्री ने कहा, ईरान छोड़ने के लिए समय रहते लोगों को बताया था. एंबेसी लगातार लोगों के संपर्क में है. हमने समय पर ही अपने नागरिकों को सतर्क किया था.
जेपी नड्डा ने विपक्ष को बताया गैर जिम्मेदार
विदेश मंत्री के बोलते ही राज्यसभा में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मिडिल ईस्ट जंग का असर भारत पर हो रहा है. एनर्जी संकट पर शॉर्ट डिबेट होनी चाहिए. BJP सांसद जेपी नड्डा ने लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना बताया.
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उन्होंने कहा, देश के इंटरेस्ट में जो भी काम होता है, तब-तब विपक्ष सदन से वॉक आउट कतता है. मिडिल ईस्ट के हालतों पर भारत की मंशा, सरकार ने किस तरह से इसमें काम किया है. जयशंकर जी ने इस पर साफ तौर पर बताया है. एनर्जी के मुद्दे पर भी जयशंकर जी ने सब कुछ बताया है, जो विपक्ष ने पूछा था. दुख के साथ कहना पड़ रहा है विपक्ष का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है. इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है.
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