नासिक धर्मांतरण मामला, यूपी जैसा एक्शन अब महाराष्ट्र में… जिस मकान में छिपी थी निदा खान, उस पर चलेगा बुलडोजर!
नासिक धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद, प्रशासन ने उसके छत्रपति संभाजीनगर स्थित ठिकाने को अवैध घोषित कर 3 दिनों में ढहाने का अल्टीमेटम दिया है.
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महाराष्ट्र के चर्चित नासिक धर्मांतरण मामले में अब प्रशासनिक शिकंजा दिन पर दिन और कसता जा रहा है. मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद, छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने उस मकान को अवैध बताते हुए नोटिस चस्पा कर दिया है जहां वह छिपी हुई थी. प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर उस मकान को तोड़ने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है.
पार्षद की भूमिका की उठे सवाल, मकान अवैध घोषित
यह पूरा मामला तब गरमाया जांच के दौरान स्थानीय पार्षद मतीन पटेल का नाम इसमें सामने आया. पहले तो यह माना जा रहा था कि नाहरेगांव स्थित यह घर मतीन पटेल का है, लेकिन बाद में पता चला कि इसके मालिक हनीफ खान और सैयद सरवर हैं. मालिकों का कहना है कि उन्हें निदा खान के बारे में कुछ भी पता नहीं था. उनके अनुसार, मतीन पटेल ने मेहमानों के रुकने की बात कहकर उन्हें घर किराए पर दिलाने को कहा था. बता दें कि आरोपी निदा खान को शरण देने के आरोप में पुलिस ने अब मतीन पटेल को भी मामले में सह-आरोपी बनाया है.
आरोपी निदा खान को लेकर कोर्ट की कार्रवाई
बता दें कि निदा खान को कोर्ट ने 11 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. सुनवाई के दौरान निदा के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने पर कोर्ट ने मानवीय आधार पर उसकी मां को दिन में दो बार (सुबह और शाम) मिलने और दवाइयां उपलब्ध कराने की अनुमति दी है.
बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा?
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हालांकि, बचाव पक्ष के वकील राहुल कासलीवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग करने और रिमांड का विरोध न करने की बात कही है. फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अंतिम छोर तक पहुँचने की कोशिश में जुटी है.
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