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“28 दिनों से झूठे आरोपों का सामना कर रही हूं”, रुपाली निलेश चाकणकर का पलटवार, गुमनाम पत्र पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित बने अशोक खरात उर्फ “ढोंगी बाबा” प्रकरण को लेकर विवादों में आईं रुपाली निलेश चाकणकर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है.

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14 Apr 2026
( Updated: 14 Apr 2026
08:46 PM )
“28 दिनों से झूठे आरोपों का सामना कर रही हूं”, रुपाली निलेश चाकणकर का पलटवार, गुमनाम पत्र पर उठाए सवाल
Image Credits: IANS
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अशोक खरात (ढोंगी बाबा) प्रकरण में विवादों में आईं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता रुपाली निलेश चाकणकर ने अब कहा है कि आज 28 दिन हो चुके हैं, और मेरे तथा मेरे परिवार के खिलाफ लगातार बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, जो सिर्फ हमें बदनाम करने की नीयत से किए जा रहे हैं. 

"मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ लगाए जा रहे बेबुनियाद और झूठे आरोप"

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा और कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से कई लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं. मीडिया इन आरोपों से जुड़े सबूत पूरे राज्य के सामने रख रहा है और आरोप लगाने वाले भी अपने दावों को प्रमाण के साथ पेश कर रहे हैं, लेकिन आज 28 दिन हो चुके हैं, और मेरे तथा मेरे परिवार के खिलाफ लगातार बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, जो सिर्फ हमें बदनाम करने की नीयत से किए जा रहे हैं. बार-बार यह बात सामने आई है कि इन आरोपों के पीछे कोई सच्चाई नहीं है. न तो आरोप लगाने वालों ने कोई सबूत दिया है और न ही मीडिया ने इसकी मांग की है.

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पुलिस को मिला एक गुमनाम पत्र 

उन्होंने लिखा कि इसके अलावा, जो लोग गुमनाम पत्र को लेकर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि वह पत्र उनके पास कैसे आया. बिना किसी जांच-पड़ताल के, सिर्फ बदनाम करने की साजिश के तहत पुलिस को मिला एक गुमनाम पत्र मीडिया को दे दिया गया, जिससे पूरे दिन मीडिया में हंगामा किया गया. यह भी सामने आना चाहिए कि इस पूरे मामले के पीछे किसका हाथ था.

उन्होंने लिखा कि बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कावटे ने भी साफ कहा है कि बिना नाम और पते वाले किसी गुमनाम पत्र की कोई कानूनी मान्यता नहीं होती और उसे महत्व नहीं दिया जा सकता. फिर भी शरारत के इरादे से यह जरूरी है कि जांच हो कि यह पत्र किसने लिखा और कहां से आया.

 "मुझे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है"

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रुपाली निलेश चाकणकर ने आगे कहा कि इस तरह की घटनाओं से एक खतरनाक परंपरा शुरू हो रही है. केवल अटकलों, अफवाहों और मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर मुझे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और बदनाम किया जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है. मैंने शुरू से ही साफ और स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखा है. खरात मामले में हमारा किसी भी तरह से, यहां तक कि दूर-दूर तक भी, किसी वित्तीय लेन-देन, जमीन सौदे या किसी गैरकानूनी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है. मुझे पूरा विश्वास है कि अंत में सच्चाई पूरी ताकत के साथ सामने आएगी.

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रुपाली निलेश चाकणकर ने 27 मार्च को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की महिला प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. रुपाली चाकणकर ने अपना त्यागपत्र एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को संबोधित करते हुए भेजा था. इस्तीफे में उन्होंने लिखा, "मैं राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत करती हूं. कृपया इसे स्वीकार करें."

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