×
जिस पर देशकरता है भरोसा

चीन ने ऑपरेशन सिंदूर में कैसे की थी पाकिस्तान की मदद? एक साल बाद खुद किया खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को बड़ा सपोर्ट दिया था. जिससे भारतीय सेना के खुफिया मिशन की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंची.

Author
09 May 2026
( Updated: 09 May 2026
03:45 PM )
चीन ने ऑपरेशन सिंदूर में कैसे की थी पाकिस्तान की मदद? एक साल बाद खुद किया खुलासा
Source- IANS/PMO
Advertisement

पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में भारत के ऑपरेशन सिंदूर में चीन ने पाकिस्तान की मदद की थी. चीन ने पहली बार खुद इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है. जब भारतीय सेना पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर रहे थे उस समय चीन पाक को ऑन साइट टेक्निकल सपोर्ट मुहैया करवा रहा था. 

पाकिस्तान को सपोर्ट देने की बात चीनी इंजीनियर ने चीन के सरकारी चैनल पर प्रसारित टीवी चैनल पर बताई. ये दावा साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में किया गया है. जिसमें कहा गया कि चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के वक्त पाकिस्तान को तकनीकी सहायता पहुंचाई थी. 

चीन ने ऑपरेशन सिंदूर में कैसे की पाकिस्तान की मदद? 

Advertisement

इंजीनियर झांग हेंग ने CCTV को दिए इंटरव्यू में बताया, उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था. उन्होंने बताया, सपोर्ट बेस पर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे, लगातार फाइटर जेट्स की आवाज और एयर-रेड सायरन के बीच काम करना मानसिक और शारीरिक रूप से काफी मुश्किल था. उन्होंने यह भी कहा कि वहां का तापमान मई के महीने में ही 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई थी.

जंग के इन मुश्किल हालातों में चीनी टीम का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि उनके उपकरण अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें और बेहतर प्रदर्शन दें. दरअसल, पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने J-10CE लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है. ये विमान AVIC की सहायक कंपनी बनाती है. 

झांग ने बताया, यह सिर्फ J-10CE विमान की क्षमता का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक मजबूत कार्य संबंध और साझेदारी का भी प्रतीक था, जो उनके सहयोग के दौरान विकसित हुआ. उन्होंने पाकिस्तान के साथ आपसी सहयोग और साझेदारी पर जोर दिया. 

भारत ने पहले ही कही थी चीन के सपोर्ट की बात 

Advertisement

जिसे चीन ने अब स्वीकार किया है उसका दावा भारत पिछले साल ही कर चुका था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने कहा था कि एयर स्ट्राइक में चीन ने पाकिस्तान को बड़ी और अहम सहायता दी थी. जनरल राहुल सिंह ने कहा था, 

‘चीन ने सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों की निगरानी की और पाकिस्तान को रियल टाइम इनपुट उपलब्ध करवाए.’ 

इसका मतलब है चीन ने न केवल पाक को टेक्निकल सहायता दी, बल्कि भारत के सीक्रेट डाटा और इनपुट पहुंचाने में भी पाकिस्तान की मदद की. जिसका असर भारतीय सेना के एक्शन पर पड़ा. 

Advertisement

चीन ने लाइव लैब की तरह किया ऑपरेशन सिंदूर का इस्तेमाल

पाकिस्तान की मदद के लिए चीन का अपना स्वार्थ भी छुपा था. चीनी हथियार और तकनीक का टेस्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर एक लाइव लैब बन गया था. डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने दावा किया था कि चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘लाइव लैब’ की तरह इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि इसके पीछे चीन की अपनी रणनीति छुपी थी. राहुल सिंह ने इस प्लान की तुलना प्राचीन चीनी सैन्य सिद्धांत ‘36 रणनीतियां’ से की. 

जनरल राहुल सिंह ने यह भी कहा था कि चीन ने उधार के चाकू से हत्या वाली रणनीति अपनाई और पाकिस्तान को भारत पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया. इतना ही नहीं ऑपरेशन के दौरान चीन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स और अधिकारियों ने पाकिस्तान के उन दावों को बढ़ावा दिया था, जिनमें भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात कही गई थी. हालांकि भारत के नुकसान पर पाकिस्तान कोई सबूत पेश नहीं कर पाया. भारत के जिस आदमपुर एयरबेस को पाकिस्तान ने उड़ाने की बात कही थी, PM मोदी वही पहुंचे और पाक के झूठ को बेनकाब किया. 
इसके उलट ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान हुआ, जिसकी चर्चा चीनी मीडिया में नहीं हुई. क्योंकि चीन को अपने फाइटर जेट पाकिस्तान में बेचने थे. चीन के बढ़ावा देने पर ही पाकिस्तान जीत के झूठे दावे करता रहा. 

Advertisement

यह भी पढ़ें- ट्रंप का शायराना अंदाज, हमले को बताया ‘प्यार की थपकी’, ईरान ने भी दिया करारा जवाब

यह भी पढ़ें

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद चीन ने अब खुद स्वीकार किया है कि वह पाकिस्तान के साथ खड़ा था. चीनी इंजीनियर झांग हेंग का कबूलनामा ऐसे समय में आया है. जब भारत और चीन के रिश्ते सामान्य हो रहे हैं, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी चीन भारक के साथ सहयोग के दावे कर रहा है, ऐसे में इस खुलासे के बाद भारत की क्या प्रतिक्रिया आती है, देखना होगा. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें