स्टालिन की पीठ में ‘छुरा घोंपकर’ कांग्रेस ने बना दी विजय की सरकार, ‘गद्दारी’ पर DMK ने याद दिलाया इतिहास
तमिलनाडु में कांग्रेस TVK के नेतृत्व में नई सरकार का वेलकम करने को तैयार है, लेकिन उसके पुराने साथियों में हाहाकार मच गया, इस कदम को स्टालिन ने ‘पीठ में छूरा’ घोंपने वाला करार दिया है.
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तमिलनाडु में थलपति विजय का सियासी स्टार्टअप छा गया. 108 सीटों के साथ विजय ने सरकार बनाने का दावा किया है, हालांकि अभी भी TVK को 10 विधायकों की दरकार है. कांग्रेस पहले ही विजय को समर्थन देने का ऐलान कर चुकी है, लेकिन इससे पार्टी और INDIA ब्लॉक के पुराने साथी भड़क गए हैं. कांग्रेस के इस कदम के बाद DMK की तीखी प्रतिक्रिया आई है.
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया कि TVK प्रमुख थलपति विजय ने समर्थन की मांग की थी. इसके बाद कांग्रेस सशर्त साथ देने के लिए तैयार हो गई है. बकायदा इसका ऐलान भी कर दिया गया. जिस पर झल्लाई DMK ने कांग्रेस को 2029 में खामियाजा भुगतने की धमकी दे डाली.
DMK ने कांग्रेस को क्या धमकी दी?
द्रविड़ मुन्नेड़ कड़गम (DMK) कांग्रेस के इस तरह अचानक पाला बदलने से खासी नाराज है. पार्टी ने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपना' वाला कदम बताया है. इसके बाद तमिलनाडु की राजनीति गर्मा गई है. DMK एक तो हार गई, दूसरी ओर कांग्रेस जैसे साथी नई पार्टी के लिए दगा दे रहे हैं.
DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने TVK के साथ गठबंधन करने और उन्हें अपना समर्थन देने का जो फैसला किया है, वह एक बहुत बड़ा धोखा है. कांग्रेस ने सिर्फ द्रमुक की ही नहीं, बल्कि पूरे तमिलनाडु की जनता की पीठ में भी छुरा घोंपा है.’ अन्नादुरई ने नाराजगी जताते हुए कहा,
‘कांग्रेस ने तमिलनाडु की जनता से मिले जनादेश का भी घोर अपमान किया है. यह सब इतनी जल्दी हुआ है कि चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुई थी और कांग्रेस ने TVK से हाथ मिला लिया.’
स्याही भी नहीं सूखी…
DMK प्रवक्ता ने कांग्रेस की इस फुर्ती पर तंज कसा. अन्नादुरई ने कहा, ‘जीत के प्रमाण पत्र पर चुनाव अधिकारी के हस्ताक्षर की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि कांग्रेस ने अपना नया गठबंधन तय कर लिया.’
अन्नादुरई ने कांग्रेस को उसका पुराना इतिहास भी याद दिलाया. उन्होंने कहा,
'हमने हमेशा और हर कदम पर कांग्रेस का पूरा समर्थन किया है. यह हमारे नेता एमके स्टालिन ही थे जिन्होंने सबसे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को PM पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था. जब BJP/RSS राहुल गांधी को 'पप्पू' कहकर ट्रोल कर रही थी, तब स्टालिन ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था. इसके बावजूद कांग्रेस ने द्रमुक के साथ इतना बड़ा धोखा किया है.'
कांग्रेस ने शर्तों के साथ दिया TVK को समर्थन
पुराने साथी को छोड़ कांग्रेस ने थलपति विजय से हाथ मिलाया, लेकिन शर्तों के साथ, इन शर्तों में सांप्रदायिक ताकतों से दूरी, संवैधानिक मूल्यों का पालन, सामाजिक न्याय, जैसी कई बातें कहीं गई हैं.
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कांग्रेस का कहना है BJP को रोकने के लिए ये गठबंधन जरूरी है, लेकिन पार्टी के इस रुख का असर कांग्रेस के लिए केंद्र में भी मुश्किल बढ़ा सकता है. जिस तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में DMK, TMC समेत कई दलों के INDIA गठबंधन ने BJP को बहुमत से रोक दिया था, उस गठबंधन में दरार साफ दिखाई दे रही है. भले ही कांग्रेस इसे BJP का रोकने का जरिया करार दे, लेकिन 2029 में सहयोगी इसका बदला जरूर लेंगे.
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