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‘जहां धर्म है वहां जीत है…’ चुनाव ऐलान के बाद बोले असम के CM हिमंत, क्लियर कर दिया चुनावी एजेंडा!

पांच राज्यों में चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. 9 अप्रैल को असम में एक चरण में चुनाव होंगे. जबकि 4 मई को नतीजे आएंगे.

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15 Mar 2026
( Updated: 15 Mar 2026
08:00 PM )
‘जहां धर्म है वहां जीत है…’ चुनाव ऐलान के बाद बोले असम के CM हिमंत, क्लियर कर दिया चुनावी एजेंडा!

Assam Election: चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में चुनावों का ऐलान कर दिया है. इनमें असम भी शामिल है. असम में 9 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होंगे. जबकि 4 मई को नतीजे घोषित होंगे. चुनाव ऐलान के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट किया. 

CM हिमंत ने संस्कृत के श्लोक की लाइन के साथ चुनाव का एजेंडा सेट कर दिया. उन्होंने महज तीन शब्दों में रणनीति साफ कर दी. दरअसल, हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, यतो धर्मस्ततो जय. यानी जहां धर्म है वहां जीत है. 

हिंदुत्व की छवि भुनाएंगे हिमंत बिस्वा? 

असम में घुसपैठियों के मुद्दे के बीच CM हिमंत बिस्वा सरमा की राजनीति का केंद्र हिंदुत्व और हिंदू रहे हैं. चुनाव ऐलान के बाद भी उन्होंने अपना कार्ड और मुद्दा क्लियर कर दिया कि उनकी राजनीति हिंदुत्व के इर्द गिर्द ही घुमेगी. धर्म के सहारे-सहारे ही उनकी आगे की रणनीति भी रहेगी और इसके फोकस में रहेगा कोर हिंदू वोटर. 

क्या BJP से जुड़े रह पाएंगे असमिया हिंदू? 

साल 2016 से पहले असमिया हिंदू कांग्रेस के साथ थ, जो बाद में शिफ्ट होकर BJP की ओर चले गए. क्योंकि CM हिमंत सरमा ने असमिया पहचान को जोर शोर से उठाया. BJP इसी हिंदू वोटर को और बांधे रखने की कोशिश करेगी. 

जैसा की CM हिमंत पहले ही कह चुके हैं असम से घुसपैठियों को भगाने की लड़ाई जारी रहेगी. वह मियां मुसलमानों के खिलाफ भी आक्रामक रुख अपना चुके हैं, मियां मुसलमान असम के असली मुसलमान नहीं माने जाते हैं. 

क्या हिमंत बिस्वा को टक्कर देंगे गौरव गोगोई? 

चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सामने कांग्रेस के गौरव गोगोई हैं. हिमंत बिस्वा को असम की राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है. तो वहीं, गौरव गोगोई युवा नेतृत्व की पहचान के तौर पर उभर रहे हैं. हालांकि जमीन पर मजबूत पकड़ तो हिमंत बिस्वा सरमा की ही मानी जाती है. वहीं, गौरव गोगोई को राजनीति विरासत में मिली. पिता तरुण गोगोई लगातार तीन बार असम के मुख्यमंत्री रहे हैं. 

असम के चुनावी मुद्दे क्या हैं? 

असम की राजनीति में सबसे ज्वलंत मुद्दा घुसपैठ और नागरिकता का रहा है. इसके साथ ही विकास, रोजगार, जातीय और क्षेत्रीय पहचान भी बड़ा मुद्दा है. वहीं, असम में चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग विस्तार जैसे मुद्दे भी प्रभावी है. जिन पर BJP काम करने का दावा करती है. वहीं, कांग्रेस की राजनीति बेरोजगारी, नागरिकता और विकास जैसे मुद्दों पर आधारित है. 

किस राज्य में कब हैं चुनाव? 

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है. जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें असम और पुडुचेरी भी शामिल हैं. 

यह भी पढ़ें

  • असम की 126 सीटों के लिए एक फेज में 9 अप्रैल को चुनाव होंगे
  • केरल में एक फेज में 9 अप्रैल 140 सीटों के लिए मतदान होंगे
  • पुडुचेरी की 30 सीटों पर 9 अप्रैल को एक फेज में चुनाव होंगे
  • तमिलनाडु की 234 सीटों पर सिंगल फेज में 23 अप्रैल को चुनाव होंगे
  • पश्चिम बंगाल में दो फेज में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे 
  • इन सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को जारी होंगे

 

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