‘सभी मदरसों की जांच हो’ ! मुख्यमंत्री के आदेश से हड़कंप !
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश में बेहतरीन काम कर रहे हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है, इसी कड़ी में जब ये जानकारी मिली कि उत्तराखंड में कई ऐसे मदरसे हैं जो अवैध तरीक़े से चल रहे हैं, तो आदेश जारी कर दिया गया कि इन सभी की जांच होगी।
24 Dec 2024
(
Updated:
11 Dec 2025
04:40 AM
)
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगता है क़सम खा ली है देवभूमि से हर एक अराजक तत्व को बाहर करके ही मानेंगे, राज्य को खुशहाल बनाएंगे, क़ानून व्यवस्था दुरूस्त करेंगे, हर एक आम जन की समस्याओं को ध्यान रखेंगे, साथ ही चारधाम के लिए आने वाले सारे श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए जो कुछ भी बन पड़ेगा वो करेंगे..इसी कड़ी में जब सीएम धामी तक ये जानकारी पहुंची कि प्रदेश में अवैध तरीक़े से भी कुछ मदरसे चल रहे हैं तो सरकार की तरफ़ से ये आदेश जारी कर दिया गया कि उत्तराखंड के सभी मदरसों की जांच कराई जाये।
उत्तराखंड हो या उत्तर प्रदेश, दिल्ली हो या बंगाल। मदरसों को लेकर हर तरफ़ चर्चा होती है। मदरसों को लेकर सवाल उठते हैं, कई बार तो ये तक कह दिया जाता है कि मदरसों में दीन ईमान की तालीम के साथ साथ हिंदुओं के ख़िलाफ ज़हर घोला जाता है। कई मदरसों को लेकर तो ये तक कहा जाता है कि उनके तार आंतकवादियों से और देश विरोधियों से जुड़े हुए थे। खैर, जब बात उत्तराखंड की आई तो धामी सरकार को शिकायत मिली की कई सारे मदरसे पूरे प्रदेश में अवैध तरीक़े से चल रहे हैं। बस फिर क्या, सीएम धामी की सरकार की तरफ़ से मदरसों की जांच के आदेश दे दिये गये।
इतना ही नहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ख़ुद इसे लेकर निर्देश जारी किये हैं और जिले के अधिकारियों से भी साफ कहा है कि एक महीने के अंदर अंदर इस जांच की पूरी रिपोर्ट पेश करनी होगी। दरअसल पिछले काफी वक़्त से मदरसों को लेकर शिकायत मिली रही थी, इन्हीं शिकायतों के आधार पर ये जांच शुरु हुई है, जिनमें आरोप लगाये गये हैं कि उत्तराखंड में कुछ मदरसे अवैध तरीके से चल रहे हैं।
इस मामले को देखते हुए उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं क़ानून व्यवस्था) नीलेश आनंद भरणे बताते हैं कि "सीएम कार्यालय से डीजीपी को निर्देश के बाद मदरसों की जांच का आदेश जारी किया गया है। इन निर्देशों का उद्देश्य अवैध रूप से संचालित मदरसों की पहचान करना, उनके फ़ंडिंग स्त्रोतों का सत्यापन करना और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के वास्तविक विवरण की जानकारी हासिल करना है।
वैसे अब जिन लोगों को ये समझ में नहीं आया है कि मदरसों की जांच क्यों हो रही है वो जरा इन प्वाइंटस में समझिये।
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