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झुर्रियों और बढ़ती उम्र को कहें अलविदा! जवां दिखने के लिए जरूर करें हल्दी की गांठ का ये उपाय

कई बार बढ़ती उम्र के कारण त्वचा में झुर्रियां, रुखापन और ग्लो खत्म होने लगता है. शरीर में भी दर्द होने लगता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हल्दी से जुड़े कुछ उपायों को करके आप इन परेशानियों को कुछ हद तक कम कर सकते हैं. क्योंकि हल्दी के फायदे जानकर आप भी इसका सेवन करने पर मजबूर हो जाएंगे. पूरी जानकारी के लिए आगे पढ़िए…

झुर्रियों और बढ़ती उम्र को कहें अलविदा! जवां दिखने के लिए जरूर करें हल्दी की गांठ का ये उपाय
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हल्दी हमारे किचन का सबसे जरूरी मसाला है. हल्दी न केवल भोजन को स्वाद और रंग प्रदान करती है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है. आयुर्वेद के अनुसार, इसे जीवन रक्षक औषधि भी माना गया है. हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन नामक तत्व इसे एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक और नेचुरल स्टेरॉयड बनाता है. कर्क्यूमिन में मौजूद गुण इसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी बनाते हैं, जिससे यह शरीर में अनेक रोगों से बचाव करती है.

शोध बताते हैं कि काली मिर्च के साथ सेवन करने पर कर्क्यूमिन का अवशोषण शरीर में दो हजार गुना तक बढ़ जाता है. यही कारण है कि हल्दी को दवाइयों में भी प्रमुखता से प्रयोग किया जाता है.

हल्दी का सेवन क्यों जरूरी?

हल्दी का सेवन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. यह मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन हार्मोन को बढ़ाकर मूड को अच्छा बनाती है तथा चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होती है. कैंसर जैसी घातक बीमारियों से लड़ने में भी हल्दी कारगर है, क्योंकि कर्क्यूमिन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद करती है.

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हल्दी किन बीमारियों में काम आती है?

इसके अलावा यह गठिया और जोड़ों के दर्द को कम करने वाली प्राकृतिक पेनकिलर भी है. हल्दी हृदय के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह धमनियों में ब्लॉकेज बनने से रोकती है और हृदयाघात के खतरे को कम करती है. नियमित सेवन से यह पाचन को मजबूत बनाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है.

जवान दिखने के लिए किस तरह से करें हल्दी का उपयोग?

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हल्दी का सेवन सौंदर्य के लिए भी वरदान है. यह त्वचा की रंगत को निखारती है, दाग-धब्बे दूर करती है और एंटी-एजिंग गुणों के कारण झुर्रियों को रोकती है. यही कारण है कि भारतीय परंपराओं में शादी से पहले हल्दी का लेप लगाने की रस्म की जाती है.

हल्दी का आयुर्वेद में क्या महत्व है?

आयुर्वेद में हल्दी का विशेष महत्व बताया गया है. इसे सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ, दूध में मिलाकर या शहद के साथ लेने की सलाह दी जाती है. विशेष रूप से हल्दी वाला दूध, जिसे गोल्डन मिल्क कहा जाता है, सर्दी-जुकाम, खांसी और थकान जैसी समस्याओं को दूर करने का बेहतरीन उपाय है. हल्दी और शहद का मिश्रण खांसी में तुरंत आराम देता है. हल्दी, अदरक और तुलसी का काढ़ा प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी प्रभावी है.

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