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असुरों-दैत्यों के घर से भी वापस लौट आईं थीं देवी लक्ष्मी, भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना रूठ जाएंगी धन की देवी

Diwali 2025: दीवाली के पर्व पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा की जाती है, उन्हें प्रसन्न की जाता है. लेकिन भूलकर भी ये गलतियां ना करें, वरना उल्टे पांव लौट जाएंगी धन की देवी.

असुरों-दैत्यों के घर से भी वापस लौट आईं थीं देवी लक्ष्मी, भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना रूठ जाएंगी धन की देवी
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दीवाली के पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, दीवाली देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने का दिन है. देवी लक्ष्मी का स्वभाव बेहद ही चंचल है और वो किसी भी स्थान पर बेहद ही मुश्किल से ठहर पाती हैं. पुराणों में जिक्र है कि देवी लक्ष्मीं असुरों और राक्षसों के पास भी रहने गईं थी. लेकिन वो थोड़े ही समय वहां से लौट आईं थी. और वापस देवराज इंद्र के स्वर्ग में स्वर्ग लक्ष्मी बनकर रहने लगीं. 

इंद्र के पूछने पर देवी लक्ष्मी ने ख़ुद बताया रहस्य 

जब देवी लक्ष्मी स्वर्ग में थी, तब देवराज इंद्र के पूछने पर देवी लक्ष्मी ने ख़ुद इस रहस्य को बताया था कि वो किन जगहों और घरों पर निवास करती हैं और कहां से चली जाती हैं. कहा जाता है कि महाभारत के शांति पर्व में इंद्र देव और माता लक्ष्मी के इस संवाद का वर्णन है. आज भी जिन घरों में इन बातों का ध्यान नहीं रख जाता है, वहां दरिद्रता का वास होता है. 

दैत्यों का साथ देवी लक्ष्मी ने क्यों छोड़ दिया था 

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जो लोग व्रत-उपवास करते हैं, प्रतिदिन सूर्योदय से पहले बिस्तर से उठ जाते हैं, रात को सोते समय दही और सत्तू का सेवन नहीं करते हैं, सुबह-सुबह घी और पवित्र वस्तुओं का दर्शन करते हैं, दिन के समय कभी सोते नहीं हैं, इस सभी बातों का ध्यान रखने वाले लोगों के यहां लक्ष्मी सदैव निवास करती हैं. 

पूर्व काल में सभी दानव भी इन नियमों का पालन करते थे. इस पहले मां लक्ष्मी उनके यहां निवास करती थी. लेकिन बाद में सभी दानव अधर्मी हो गए हैं. जिसके बाद लक्ष्मी ने उन्हें त्याग दिया. 

ऐसे पुरुषों के यहां निवास नहीं करती मां लक्ष्मी

जिस घर में पुरुष दानशील, बुद्धिमान, भक्त और सत्यवादी होते हैं, वहां लक्ष्मी मां का वास होता है. और जो लोग ऐसे नहीं होते वहां देवी लक्ष्मी वास नहीं करती हैं. दानव और दैत्य के कर्म भी अच्छे नहीं थे, इसलिए मां लक्ष्मी ने उनका स्थान छोड़ दिया और देवताओं के यहां निवास करने लगीं. 

जहां दान-पुण्य नहीं वहां लक्ष्मी नहीं 

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जहां लोग धर्म का आचरण नहीं करते, जो लोग पितरों का तर्पण नहीं करते, दान-पुण्य नहीं करते, ऐसे लोगों के  यहां मां लक्ष्मी वास नहीं करती है. दैत्यों के कर्म पापों से भर गए थें. इसलिए मां लक्ष्मी वहां से चलीं गईं. 

ऐसी महिलाओं के यहां नहीं रुकती मां लक्ष्मी

 जिन घरों में स्त्रियां दुराचारिणी यानी बुरे चरित्र वाली हो जाती हैं, जहां स्त्रियां उचित ढंग से उठने-बैठने के नियम नहीं अपनाती हैं, जहां स्त्रियां साफ-सफाई नहीं रखती हैं, है. देवी लक्ष्मी ने वहां वास नहीं करती हैं. और नाराज़ होकर चलीं जाती हैं. 

जहां पवित्रता नहीं वहां लक्ष्मी नहीं

भोजन बनाते समय जिन घरों में पवित्रता का ध्यान नहीं रखा जाता, झूठे हाथों से घी छू लिया जाता है, वहां लक्ष्मी वास नहीं करती हैं. इन घरों में खाना या प्रसाद बनाते वक्त शुद्धता का ध्यान नहीं रखा जाता वहां माता लक्ष्मी नहीं रुकती है. 

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 जहां सास- ससुर पर अत्याचार वहीं नहीं टिकतीं मां लक्ष्मी

जिस घर में बहू अपने सास- ससुर पर नौकरों की तरह हुक्म चलाती हो, उन्हें कष्ट देती हो, उनका मान-सम्मान करने के बजाय अनादर करती है तो लक्ष्मी वास नहीं करती हैं. 

जहां नारी का सम्मान नहीं वहां लक्ष्मी नहीं 

जिस घर में पति-पत्नी के बीच कलह रहता हो, एक दूसरे की बात ना मानते हों, अनैतिक संबंध रखते हों, पत्नी पर हाथ उठाते हों, ऐसे घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता है. 

अपनों का बुरा सोचने वालो के यहां नहीं आती लक्ष्मी

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जो लोग अपने शुभ चिंतकों के नुकसान पर हंसते हैं, उनसे मन ही मन द्वेष भाव रखते हैं, किसी को मित्र बनाकर उसका अहित करते हैं, ऐसे लोग सदैव दरिद्र रहते हैं. ये वो गलतियां जो किसी भी मनुष्य को अनजाने में ही नुकसान पहुंचाती हैं और उसे दरिद्र बना देती हैं. ऐसी जगह मां लक्ष्मी वास नहीं करती हैं. 

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