Budget 2026: 'लोकल से ग्लोबल तक MSME की राह हुई आसान...', PM मोदी ने बजट को बताया अपार अवसरों का राजमार्ग
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री ने 85 मिनट तक बजट भाषण दिया. जिसमें टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया.
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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट पेश किया. केंद्र सरकार की ओर से अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. इस बजट को PM मोदी ने युवा शक्ति का बजट बताया.
PM मोदी ने कहा, यह युवा शक्ति बजट है. इस बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उससे अलग-अलग सेक्टर्स में लीडर्स, इनोवेटर्स और क्रिएटर्स तैयार होंगे.
#WATCH | On #UnionBudget, PM Narendra Modi says, "This is one such unique budget which has focus on bringing down fiscal deficit, on bringing inflation under control and with this, Budget also has the combination of high CapEx and high growth."
— ANI (@ANI) February 1, 2026
(Video: DD) pic.twitter.com/GBxJxs14uC
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा, आर्थिक विकास को गति देने और उसे बनाए रखने के लिए, मैं 6 क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव करती हूं. इनमें रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देना, विरासत में मिले औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना, अग्रणी लघु एवं मध्यम उद्यमों का निर्माण करना, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना है.
Presenting Union Budget 2026-27, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says," To accelerate and sustain economic growth, I propose interventions in six areas -Scaling up manufacturing in 7 strategic sectors; Rejuvenating legacy industrial sectors; Creating champion MSMEs;… pic.twitter.com/UCMYKvzgcK
— ANI (@ANI) February 1, 2026
यह बजट ऐसे दौर में आ रहा है, जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले दो वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. हालांकि, अमेरिका के ऊंचे टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को करीब 8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा. ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना, निवेश बढ़ाना और रोजगार सृजन वित्त मंत्री के सामने बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी.
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जानकारी देते चलें कि बजट से पहले पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था को वर्किंग-एज आबादी का लाभ मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। आगामी वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है और घरेलू मांग में मजबूती देखी गई है.
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