‘बदकिस्मती से हमारे बुरे पड़ोसी’ एस जयशंकर ने पाकिस्तान को फिर लताड़ा, सिंधु संधि पर शहबाज को दो टूक जवाब दिया
पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंक परस्त पाक का पानी रोका तो शहबाज शरीफ दुनिया के सामने रोना रोने लगे. हमदर्दी मांगने लगे, लेकिन भारत ने एक बार फिर अपना सख्त रुख क्लियर कर दिया.
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हम आपके साथ पानी शेयर करें और आप हमारे देश में आतंकवाद फैलाएं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को फिर दो टूक संदेश दिया है. उन्होंने आतंकवाद पर पाक को फिर आईना दिखाया है और जमकर खरी खोटी सुनाई.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत को उन पड़ोसियों से खुद को बचाने का पूरा अधिकार है जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं. ऐसे देश नई दिल्ली से सहयोग भी मांगते हैं. दरअसल, एस जयशंकर IIT मद्रास में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने आतंकवाद पर बात करते हुए पाकिस्तान को जमकर सुनाया. जयशंकर ने कहा, अच्छे पड़ोसी संबंध लगातार आतंकवाद की हरकतों के साथ नहीं चल सकते. उन्हें क्लियर कट संदेश देते हुए कहा, किसी को भी भारत को ज्ञान देने की जरूरत नहीं है कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
सिंधु समझौते पर भारत का सख्त रुख जारी
एस जयशंकर ने कहा, ‘जब बात बुरे पड़ोसियों की आती है जो आतंकवाद फैलाते रहते हैं, तो भारत को अपने लोगों को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह जो भी जरूरी होगा, करेगा. आप हमसे यह नहीं कह सकते कि हम आपके साथ अपना पानी शेयर करें और साथ ही आप हमारे देश में आतंकवाद भी फैलाएं.’ मतलब एस जयशंकर ने सिंधु समझौते पर भी पाकिस्तान को बड़ा इशारा दे दिया.
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जयशंकर ने कहा, कई साल पहले हमने पानी-बंटवारे की व्यवस्था पर सहमति जताई थी, लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद होता है, तो अच्छी पड़ोसी की भावना नहीं रहती है. अगर अच्छी पड़ोसियत नहीं है, तो आप यह नहीं कह सकते, ‘कृपया मेरे साथ पानी शेयर करें, लेकिन मैं आपके साथ आतंकवाद जारी रखूंगा.’ यह मुमकिन नहीं है.’
दरअसल, पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि पर ब्रेक लगा दिया था, जो अभी तक जारी है. इस पर पाकिस्तान की छटपटाहट साफ दिखी. जब पाक हुक्मरानों ने दुनिया के सामने पानी का रोना रोया और हमदर्दी लेने की कोशिश की, लेकिन भारत अपने सख्त रुख पर कायम रहा. खुद PM मोदी ने साफ किया कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते.
‘बदकिस्मती से हमारे बुरे पड़ोसी’
इस दौरान विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की नीति पर तंज कसा. उन्होंने कहा, भारत का नजरिया कॉमन सेंस पर आधारित है. उन्होंने सहयोगी, दोस्त, दुश्मन और पड़ोसी के बीच का फर्क भी साफ किया. उन्होंने कहा, ‘आपके बुरे पड़ोसी भी हो सकते हैं. बदकिस्मती से हमारे हैं. जब आपके बुरे पड़ोसी होते हैं, तो पश्चिम वाले को देखिए. अगर कोई देश यह तय करता है कि वह जानबूझकर, लगातार और बिना पछतावे के आतंकवाद जारी रखेगा, तो हमें अपने लोगों को आतंकवाद से बचाने का अधिकार है. हम उस अधिकार का इस्तेमाल करेंगे. हम उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हम पर निर्भर करता है. कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए. हम खुद को बचाने के लिए जो कुछ भी करना होगा, वह करेंगे.’ यहां एस जयशंकर ने पाकिस्तान का साथ देने वालों और भारत के स्टैंड की आलोचना करने वाले पश्चिमी देशों को भी लपेटे में ले लिया.
विदेश मंत्री ने चीन को भी सुनाया
पाकिस्तान के साथ-साथ एस जयशंकर ने चीन को भी सुना दिया. उन्होंने शंघाई एयरपोर्ट पर अरुणाचल प्रदेश की एक महिला के साथ चीनी इमिग्रेशन अधिकारियों की कथित बदसलूकी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने चीन को स्पष्ट संदेश दिया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा. इस तरह की रणनीतियां जमीनी हकीकत को बदल नहीं सकतीं.
'सभी देश नियमों का पालन करें'
एस जयशंकर ने भारत के रुख को स्पष्ट किया और चीन जैसे देशों को नियमों का हवाला दिया. उन्होंने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर ने यह कहा कि लोगों की आवाजाही को लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और नियम मौजूद हैं, जिनका पालन सभी देशों को करना चाहिए. भारत यह आशा करता है कि सभी देश इन नियमों का सम्मान करेंगे. उन्होंने भारत का रुख साफ करते हुए कहा, हमारा रुख पूरी तरह स्पष्ट, दृढ़ और अडिग है. अन्होंने नागरिकों को उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह आश्वस्त रहने की बात कही. IIT मद्रास से एस जयशंकर ने पाकिस्तान, चीन से लेकर अमेरिका तक को जवाब दे दिया. जो चौधरी बनकर जंग रुकवाने का दावा करता है.
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