कंबोडिया और थाईलैंड के बीच वर्षों पुराने विवाद का हुआ अंत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में शांति समझौते पर हस्ताक्षर

कुआलालंपुर में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की उपस्थिति में कंबोडिया और थाईलैंड ने वर्षों से चल रहे सीमा तनाव और सैन्य गतिरोध को समाप्त करने वाला शांति समझौता किया. समारोह में दोनों देशों के प्रधानमंत्री और कई वैश्विक प्रतिनिधि मौजूद थे. ट्रंप ने शांति के साथ-साथ आर्थिक और व्यापारिक समझौतों की भी घोषणा की.

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच वर्षों पुराने विवाद का हुआ अंत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में शांति समझौते पर हस्ताक्षर
Source: X/ @WhiteHouse

दक्षिण पूर्व एशियाई कूटनीति के लिए रविवार को उस समय एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब कंबोडिया और थाईलैंड ने बहुप्रतीक्षित शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए. दोनों पक्षों ने मलेशिया के कुआलालंपुर में औपचारिक रूप से वर्षों से चल रहे सीमा तनाव और सैन्य गतिरोध का अंत किया. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भूमिका

इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए. ट्रंप ने मलेशियाई प्रधानमंत्री और आसियान के अध्यक्ष अनवर इब्राहिम के साथ इस समझौते की मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

हस्ताक्षर समारोह और भागीदार

कुआलालंपुर में आयोजित समारोह में कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट और थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने "कंबोडिया-थाईलैंड शांति समझौते" पर हस्ताक्षर किए. इस कार्यक्रम में वरिष्ठ राजनयिकों, आसियान प्रतिनिधियों और कई प्रमुख विश्व शक्तियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति को बढ़ावा देने में आर्थिक कूटनीति की भूमिका पर विशेष जोर दिया. उन्होंने घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने शांति समझौते के साथ-साथ दो अन्य समझौतों को अंतिम रूप दिया है. इसमें कंबोडिया के साथ नया व्यापार समझौता और थाईलैंड के साथ रणनीतिक खनिज साझेदारी भी शामिल है. 

राष्ट्रपति ट्रंप का बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'जब तक दोनों देश शांति से रहते हैं, हम उनके साथ कई लेन-देन करते हैं। जब हम समझौते करते हैं और देखते हैं कि दो देश हमारे लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार हैं, तो हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि वे युद्ध में न उलझें.'

कंबोडियाई प्रधानमंत्री का संदेश

कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा, 'कोई भी विवाद चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, उसे शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए. यह समझौता नोम पेन्ह और बैंकॉक के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय है.' उन्होंने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को वार्ता की मेजबानी और मार्गदर्शन के लिए भी धन्यवाद दिया. 

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बताते चलें कि यह शांति समझौता न केवल कंबोडिया और थाईलैंड के बीच वर्षों के तनाव को समाप्त करता है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थिरता और सहयोग के नए युग की भी शुरुआत करता है.

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