तारिक रहमान की कैबिनेट में ‘हिंदू चेहरा’, कौन हैं निताई रॉय चौधरी, जिन्हें मिली नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी?

तारिक रहमान ने बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ले ली है. इसके साथ ही उनकी नई कैबिनेट में हिंदू समुदाय से आने वाले निताई रॉय चौधरी को मंत्री बनाया गया है. जानिए, कौन हैं निताई रॉय चौधरी?

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17 Feb 2026
( Updated: 17 Feb 2026
08:27 PM )
तारिक रहमान की कैबिनेट में ‘हिंदू चेहरा’, कौन हैं निताई रॉय चौधरी, जिन्हें मिली नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी?

लंबे अर्से से चल रहे उथल-पुथल के बाद अब आखिरकार बांग्लादेश में नई सरकार बन गई है. BNP नेता तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है. उनकी नई कैबिनेट में 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया है. इस तरह से कुल 49 मंत्रियों की जंबो कैबिनेट के साथ एक नए दौर की शरुआत हुई है. लेकिन इन तमाम मंत्रियों में दो अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं. इनमें एक नाम है निताई रॉय चौधरी का. ये हिंदू समाज से आते हैं, जिन्हें मंत्री मंडल में शामिल किया गया है. ऐसे में हर कोई इनके बारे में जानना चाहता है. 

कौन हैं निताई रॉय चौधरी, जिन्हें मंत्री बनाया गया है?

निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश के एक अनुभवी राजनेता, वकील और BNP के वरिष्ठ नेता हैं. इन्हें तारिक रहमान की नई कैबिनेट में मंत्री पद से नवाजा गया है. जानकारी के मुताबिक, BNP के टिकट पर इन्होंने पश्चिमी मगुरा चुनाव क्षेत्र से जीत हासिल की है. निताई रॉय चौधरी ने जमात-ए-इस्लामी के कैंडिडेट को हराया है. निताई रॉय चौधरी BNP में टॉप लीडर के साथ ही वरिष्ठ सलाहकार और रणनीतिज्ञ हैं. 

पूर्ववर्ती सरकारों में भी मंत्री रह चुके हैं निताई रॉय चौधरी

जनवरी 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी पहले भी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों में युवा और खेल मंत्री, शिक्षा राज्य मंत्री और कानून एवं न्याय राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया है. निताई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के वाइस चेयरमैन भी हैं. 

अल्पसंख्यकों में विश्वास पैदा करना चाहते हैं तारिक रहमान

चुंकि, निताई रॉय चौधरी हिंदू समुदाय से आते हैं. ऐसे में उनका नई कैबिनेट में मंत्री बनना अल्पसंख्यों के प्रति तारिक रहमान सरकार के समावेशी दृष्टिकोण और विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह कदम दर्शाता है कि नई सरकार अल्पसंख्यकों के अंदर अपने प्रति विश्वास पैदा करना चाहती है. इसके अलावा वर्षों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, एक वरिष्ठ हिंदू नेता को कैबिनेट में मंत्री पद देना देश के भीतर सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में भी पहल के तौर पर देखा जा रहा है. 

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को भेजा गया था न्योता

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आपको बता दें कि बांग्लादेश की तरफ से 13 देशों को तारिक रहमान के शपथग्रहण समारोह के लिए न्योता भेजा गया था. इसमें भारत भी शामिल है. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की जगह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया. अब तक बांग्लादेश में यह समारोह संपन्न हो चुका है और तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बने हैं. 

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