‘हम लीज पर सुरक्षा नहीं कर सकते…’, ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का ऐलान, कहा- डील का फ्रेमवर्क तैयार, यूरोपीय देशों पर नहीं लगाएंगे टैरिफ
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावे को दोहराते हुए कहा कि इसकी सुरक्षा लीज पर नहीं दी जा सकती. साथ ही यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले से पीछे हटने के संकेत दिए.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर वैश्विक चर्चा में हैं. स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से ट्रंप ने जहां ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावे को दोहराया, वहीं यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले से पीछे हटकर सबको चौंका दिया. यह घटनाक्रम अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में एक अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है.
लीज पर नहीं कर सकते ग्रीनलैंड की सुरक्षा: ट्रंप
दावोस में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से बेहद अहम बताया. उन्होंने कहा कि अतीत में इस द्वीप को नजरअंदाज करना एक बड़ी भूल थी. ट्रंप का साफ कहना था कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई और देश प्रभावी ढंग से नहीं कर सकता. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के क्षेत्र की सुरक्षा किसी को लीज पर देकर नहीं की जा सकती. ट्रंप के इस बयान के साथ ही यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से टैरिफ लगाने के ऐलान ने तनाव को और बढ़ा दिया था. अमेरिकी रुख के जवाब में यूरोपीय यूनियन ने सख्त कदम उठाते हुए अमेरिका के ट्रेड बिल पर अपना काम निलंबित करने की घोषणा कर दी. यूरोपीय यूनियन के इस कड़े रुख ने अमेरिका पर दबाव बढ़ा दिया, जिसका असर अब ट्रंप के बदले हुए तेवरों में साफ दिख रहा है.
यूरोपीय देशों पर नहीं लगेगा कोई नया टैरिफ
ताजा बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से कोई नया टैरिफ लागू नहीं किया जाएगा. इस फैसले को यूरोप के साथ बिगड़ते रिश्तों को संभालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि ग्रीनलैंड को लेकर एक डील का फ्रेमवर्क तैयार कर लिया गया है.
समझौते का फ़्रेमवर्क तैयार
नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ हुई बैठक के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र के भविष्य को लेकर एक व्यापक समझौते का ढांचा तैयार हो चुका है. उन्होंने कहा कि अगर यह समाधान अंतिम रूप ले लेता है, तो यह अमेरिका के साथ-साथ सभी नाटो देशों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगा. इसी पोस्ट में ट्रंप ने यह भी साफ किया कि पहले घोषित किए गए टैरिफ अब लागू नहीं होंगे. राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया कि ग्रीनलैंड से जुड़े गोल्डन डोम प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत जारी है. जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ेगी, उससे जुड़ी और जानकारियां साझा की जाएंगी. ट्रंप के मुताबिक इस बातचीत की जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे, जो समय-समय पर उन्हें रिपोर्ट देंगे.
ट्रंप के लिए आ रही थी तीखी प्रतिक्रियाएं
इससे पहले दावोस में दिए गए ट्रंप के बयानों के बाद यूरोपीय यूनियन की संसद में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं. कई सांसदों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को असंतुलित बताया था. उनका तर्क था कि यूरोपीय देशों को आयात शुल्क कम करना होगा, जबकि अमेरिका 15 फीसदी टैरिफ बनाए रखेगा, जो बराबरी पर आधारित समझौता नहीं है.
इटली नेकिया फैसले का स्वागत
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इस बीच ट्रंप के ताजा ऐलान का इटली ने खुले तौर पर स्वागत किया है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूरोपीय देशों पर टैरिफ स्थगित करने का फैसला सकारात्मक कदम है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सहयोगी देशों के बीच संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है. कुल मिलाकर, ट्रंप के बदले सुर यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका अब टकराव के बजाय समझौते की राह पर आगे बढ़ना चाहता है.
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