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कुछ घंटे भी नहीं टिका सीजफायर! UAE-कुवैत पर ड्रोन अटैक, ईरान में भी बड़ा धमाका, क्या फिर शुरू हो गया युद्ध?
ट्रंप द्वारा घोषित अमेरिका-इरान युद्धविराम (Ceasefire) के कुछ ही घंटों बाद खाड़ी में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया गया है, इसके साथ ही ईरान में भी एक बड़ा विस्फोट हुआ है.
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अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से जारी युद्ध पर बुधवार की सुबह तब विराम लग गया, जब ट्रंप ने जानकारी देते हुए कहा कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की मध्यस्थता के बाद दो हफ्तों के लिए ईरान के साथ सीजफायर पर मुहर लग गई है. हालांकि, यह युद्धविराम कुछ ही घंटों का मेहमान था क्योंकि दावा यह किया जा रहा है कि अभी भी खाड़ी देशों में मिसाइल हमले जारी हैं.
यूएई और कुवैत पर हमला अभी भी जारी
यह दावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने किया है. उनके अनुसार, ईरान की तरफ से मिसाइल हमले अब भी जारी हैं. यूएई प्रशासन के मुताबिक, वे ईरानी मिसाइलों के हमले को नाकाम करने के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं. यूएई का कहना है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम इन खतरों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है. हालांकि, यूएई ने अभी तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि हमला किस जगह पर हो रहा है. इसके अलावा कुवैत की सेना ने कहा है सुबह आठ बजे से ईरानी ड्रोन हमलों से निपटा जा रहा है, सेना के अनुसार उसने कई ड्रोन को मार गिराया है.
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ईरान में भी बड़ा धमाका
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युद्धविराम (Ceasefire) के बीच खुद ईरान के भीतर भी हमले का दावा किया गया है. मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के लावन द्वीप पर मौजूद एक तेल रिफाइनरी में जोरदार विस्फोट हुआ है. सीजफायर के ऐलान के बाद ईरान में धमाके की यह पहली बड़ी घटना है, जिसके कारणों की जांच की जा रही है.
लेबनान और हिज्बुल्लाह पर लागू नहीं होगा युद्धविराम
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इसके अलावा इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस की ओर से यह साफ कहा गया है कि यह 15 दिनों का समझौता लेबनान और हिज्बुल्लाह पर लागू नहीं होगा. इजरायल ने अपनी शर्तें रखते हुए कहा कि वह ट्रंप के हमले रोकने के फैसले का समर्थन करता है, लेकिन ईरान को तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना होगा और अमेरिका, इजरायल के अलावा खाड़ी देशों पर ईरान के सभी हमले पूरी तरह बंद होने चाहिए.
सीजफायर का ऐलान करते समय ट्रंप ने क्या कहा था?
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बता दें कि सीजफायर की घोषणा के वक्त ट्रंप काफी खुश नजर आए थे. उन्होंने इसे वैश्विक शांति के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा था कि ईरान अब युद्ध से थक चुका है और पुनर्निर्माण की ओर बढ़ना चाहता है.