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ट्रंप की एक गलती और शुरू हो गई जंग! ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर किया बड़ा हमला, खाड़ी में तनाव चरम पर

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर अब टूटने की कगार पर पहुंच गया है. अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया है.

Image Source: Videograb- X/ @IRGC_IRAN_News
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अमेरिका और ईरान के बीच बीते कई दिनों से जारी सीजफायर अब लगभग टूटता नजर आ रहा है. दोनों देशों के बीच औपचारिक घोषणा होना ही बाकी माना जा रहा है. लगातार विफल हो रही शांति वार्ता के बीच पिछले 48 घंटों में अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. इसके बाद ईरान ने युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अमेरिका पर बड़ा पलटवार किया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि बंदर अब्बास पोर्ट पर हुए हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया गया. वहीं, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि उसकी सेना देश की ओर दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने में जुटी हुई है.

दरअसल, तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए अमेरिकी हमले के जवाब में एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया है. IRGC के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4:50 बजे की गई. हालांकि, ईरानी सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमला अमेरिका के किस सैन्य ठिकाने पर किया गया. गौरतलब है कि इससे पहले पिछले 48 घंटों के दौरान अमेरिका ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नजदीक स्थित ईरानी एयरबेस पर दो बड़े हमले किए थे, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है.

ईरान ने अमेरिका की दिया दो टूक चेतावनी 

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में इस तरह के हमले दोबारा किए गए, तो ईरान उससे भी ज्यादा सख्त और घातक जवाब देगा. IRGC ने साफ कहा कि किसी भी संभावित परिणाम की पूरी जिम्मेदारी हमलावर पक्ष की होगी. इस बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है. हालात को देखते हुए कुवैत ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली देश की ओर बढ़ रही मिसाइलों और यूएवी (UAVs) को लगातार इंटरसेप्ट कर हवा में ही नष्ट कर रही है.

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बंदर अब्बास पोर्ट पर अमेरिका ने किया था हमला 

इससे पहले बुधवार देर रात अमेरिका ने ईरान के भीतर एक और बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे ईरान के बंदर अब्बास शहर के पूर्वी इलाके से लगातार तीन जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. रॉयटर्स से बातचीत में एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने रातभर ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अधिकारी के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमला किया गया, उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और व्यावसायिक समुद्री गतिविधियों के लिए संभावित खतरा माना जा रहा था. अमेरिका ने इस सैन्य कार्रवाई को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है.

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ट्रंप की नई शर्तों से बढ़ा विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों से इजरायल के साथ अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत शांति समझौते में शामिल होने की अपील की है. हालांकि, अरब देशों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रस्ताव को फिलहाल अस्वीकार कर दिया. उनका कहना है कि मौजूदा समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता युद्ध को रोकना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री मार्ग को सामान्य करना होना चाहिए. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. अमेरिका की ओर से मांग की गई है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को या तो अमेरिका को सौंप दे या फिर उसे परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) की निगरानी में पूरी तरह नष्ट किया जाए. इस मांग के सामने आने के बाद दोनों देशों के बीच चल रही वार्ता में तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है.

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बहरहाल, अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ता तनाव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है. ऐसे में दुनिया की नजर दोनों देशों की अगली सैन्य और कूटनीतिक चाल पर टिकी हुई है.

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