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दुश्मन का दुश्मन दोस्त...चीन के कट्टर विरोधी देश वियतनाम पहुंचे NSA अजित डोभाल, शी जिनपिंग की क्यों उड़ गई नींद?
NSA अजित डोभाल के वियतनाम दौरे ने चीन की नींद उड़ा दी. डोभाल के वियतनामी नेतृत्व के साथ जिन मुद्दों पर बात हो रही है, उसने काफी हलचल मचा दी है. ग्लोबल चिप शॉर्टेज, डिफेंस, टेक ट्रांसफर के मुद्दे पर बड़ी डेवलपमेंट हुई है.
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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के वियतनाम दौरे ने हलचल मचा दी है. वियतनाम ना सिर्फ भारत का दोस्त देश है बल्कि उसके चीन के साथ तल्ख रिश्ते खासकर दक्षिण चीन सागर को लेकर विवाद भी गहरा रहा है. वियतनाम ना सिर्फ चीन का पड़ोसी है बल्कि उसका सीधा प्रतिद्वंदी है. ऐसा इसलिए क्योंकि चीन की चाल, ढाल, रंग, सोचने का तरीका और कूटनीति आदि को वियतनाम बखूबी समझता है. क्योंकि दोनों की संस्कृति खान-पान और इतिहास एक ही है.
वियतनाम पहुंचे NSA अजित डोभाल?
ऐसे में वियतनामी चीन से साइज में छोटे होने के बावजूद जमकर टक्कर देते हैं. भले वो ट्रेड, टेक हो या फिर उसकी साउथ चाइना सी को लेकर उसकी धौंस. चीन से भागने वाली कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना खासकर मोबाइल, चिप मैन्युफैक्चरिंग का ठिकाना वियतनाम होता है या फिर भारत. ऐसे में NSA अजित डोभाल का वियतनाम दौरा काफी अहम हो जाता है.
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आपको बता दें कि NSA डोभाल बीती रात आधिकारिक दौरे पर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे. उनकी इस दौरे में 'भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के तहत वियतनामी नेतृत्व से मुलाकात हुई. NSA डोभाल ने इसी कड़ी में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग से मुलाकात की. दोनों पक्षों ने चल रहे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की स्थिति की समीक्षा की और इस क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति जताई.
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Cố vấn An ninh Quốc gia Ấn Độ Ajit Doval đã gặp Ngài Lê Hoài Trung, Ủy viên Bộ Chính trị Ban Chấp hành Trung ương Đảng Cộng sản Việt Nam, Bộ trưởng Bộ Ngoại giao Việt Nam. Năm 2027 đánh dấu kỷ niệm 55 năm ngày thiết lập quan hệ ngoại giao giữa Ấn Độ và Việt Nam. Hai bên đã thảo luận về các cách thức tổ chức kỷ niệm cột mốc lịch sử này trên tinh thần Quan hệ Đối tác Chiến lược Toàn diện Tăng cường 🇮🇳-🇻🇳. ~~~ NSA Ajit Doval met Mr. Le Hoai Trung, Politburo Member of the Central Committee of the Communist Party and Minister of Foreign Affairs of Viet Nam. 2027 marks the 55th anniversary of establishment of diplomatic relations between India and Viet Nam. Both sides discussed ways to commemorate this historic milestone in the spirit of 🇮🇳-🇻🇳 Enhanced Comprehensive Strategic Partnership.
— India in Vietnam (@AmbHanoi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">November 2, 2026
वियतनाम में किस-किस से मिल रहे हैं अजित डोभाल?
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इसके बाद NSA डोभाल ने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री, सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, भारत और वियतनाम के बीच गहरी, व्यापक और आपसी भरोसे पर टिकी सभ्यतागत साझेदारी को दर्शाता है. दोनों पक्षों ने सुरक्षा के क्षेत्र में मौजूदा सहयोग पर चर्चा की और अपने बहुआयामी संबंधों को और अधिक बढ़ावा देने पर सहमति जताई. इसके अलावा, दोनों पक्षों ने क्षेत्र और दुनिया भर में हो रहे घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए.
वहीं NSA की वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग से भी मुलाकात हुई. साल 2027 भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ का प्रतीक है. दोनों पक्षों ने 🇮🇳-🇻🇳 'विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी' की भावना के साथ इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के तरीकों पर चर्चा की.
आपको बता दें कि मई में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाकर 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया था.
Cố vấn An ninh Quốc gia Ấn Độ Ajit Doval hôm nay đã tiến hành hội đàm với Đại tướng Lương Tam Quang, Ủy viên Bộ Chính trị Ban Chấp hành Trung ương Đảng Cộng sản Việt Nam, Bộ trưởng Bộ Công an Việt Nam. Hợp tác an ninh song phương phản ánh mối quan hệ đối tác có bề dày văn minh, sâu sắc và dựa trên sự tin cậy lẫn nhau giữa Ấn Độ và Việt Nam. Hai bên đã thảo luận về hợp tác hiện nay trong lĩnh vực an ninh và nhất trí tiếp tục thúc đẩy hơn nữa các mối quan hệ đa dạng hiện có. Hai bên cũng trao đổi quan điểm về những diễn biến trong khu vực và trên thế giới. ~~~ NSA Ajit Doval held delegation level talks with General Luong Tam Quang, Politburo Member of the Central Committee of the Communist Party and Minister of Public Security of Viet Nam, today. Bilateral security cooperation reflects the deep and mutually trusted civilisational partnership between India and Viet Nam. Both sides discussed ongoing cooperation in the security domain and agreed to further enhance the existing multifaceted ties. They also exchanged views on regional and global developments.
— India in Vietnam (@AmbHanoi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">November 2, 2026Advertisement
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27 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान वियतनाम की सांसद 'माई डुंग थाई क्विन्ह' और संसदीय मैत्री समूह के अन्य सदस्यों से मुलाकात की थी. इस बैठक में दोनों पक्षों ने संसदीय सहयोग बढ़ाने, संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने और व्यापार, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की.
चीन का कट्टर दुश्मन है वियतनाम?
ओम बिरला ने विश्वास जताया कि इस तरह के संवाद से दोनों देशों के संसदीय संबंध मजबूत होंगे तथा भारत और वियतनाम की पुरानी दोस्ती को नई ऊर्जा मिलेगी. बैठक में कांग्रेस सांसद शशि थरूर और भाजपा सांसद दिलीप सैकिया भी मौजूद थे.
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सितंबर में भारत और वियतनाम ने अपनी 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' तथा 'रक्षा उद्योग सहयोग' को मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा की थी.
यह बातचीत नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के उप रक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल 'गुयेन ट्रुओंग थांग' के बीच हुई थी. दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी.
चीन से जंग लड़ चुका है वियतनाम!
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आपको बता दें कि भारत के अलावा वियतनाम भी वो देश है जिसका चीन से (1979 में) युद्ध हो चुका है. वहीं दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीपों पर दावे को लेकर दोनों देशों के बीच भी गहरा विवाद है. चाणक्य नीति के अनुसार कूटनीति और सैन्य रिश्तों में दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है. ऐसे में वियतनाम उन देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहा है जिसकी चीन के साथ नहीं बनती है.
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भारत के लिए क्यों अहम है वियतनाम?
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वहीं भारत की भी नीति कुछ ऐसी है. इसे अफगानिस्तान और साइप्रस के जरिए समझा जा सकता है. एक का पाकिस्तान के साथ झगड़ा है, दूसरे का तुर्की के साथ. ऐसे में NSA अजित डोभाल की ये रणनीतिक यात्रा काफी अहम होने वाली है. वियतनाम एक और जहां भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने को लेक बात कर रहा है तो वहीं वियतनाम दक्षिण सागर में भारत के साथ फ्री एंड ओपन मैरिटाइम की वकालत करता है.
Cố vấn An ninh Quốc gia Ấn Độ Ajit Doval hôm nay đã gặp Đại tướng Phan Văn Giang, Ủy viên Bộ Chính trị Ban Chấp hành Trung ương Đảng Cộng sản Việt Nam, Phó Thủ tướng Chính phủ và Bộ trưởng Bộ Quốc phòng Việt Nam. Hai bên đã rà soát tình hình hợp tác quốc phòng song phương đang được triển khai và nhất trí tiếp tục tăng cường hơn nữa các hoạt động trong lĩnh vực này. ~~~ NSA Ajit Doval met General Phan Van Giang, Politburo Member of the Central Committee of the Communist Party, Deputy Prime Minister and Minister of National Defence of Viet Nam, today. They reviewed ongoing bilateral defence cooperation and agreed to further deepen engagements in this domain.
— India in Vietnam (@AmbHanoi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">November 2, 2026
भारत-वियतनाम एक दूसरे की मदद कैसे कर रहे हैं?
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इसके अलावा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में भी वियतनाम एक अहम स्थान है. भारतीय अधिकारियों का मानना है कि वियतनाम के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध 'किसी देश के एकतरफा कदम उठाने का मुकाबला करने में सक्षम होगा.' एक ओर जहां वियतनाम के साथ रक्षा सहयोग बढ़ रही है, 2030 डिफेंस विजन पर काम हो रहा है तो वहीं टेक्नोलॉजि ट्रांसफर के लिहाज से भी NSA डोभाल बात आगे बढ़ा रहे हैं.
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सबसे जरूरी बात भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनने के लिए ना सिर्फ वियतनाम की मदद की जरूरत है तो वहीं वियतानामी कंपनियों के लिए भी भारत एक बड़ी मार्केट है. भारत वियतनाम की सर्विस, डिफेंस, खाद्यान्न, टेक्सटाइल आदि की जरूरतों को पूरा कर सकता है.