पहले IED ब्लास्ट, फिर ताबड़तोड़ फायरिंग... TTP ने घात लगाकर किया हमला, मार गिराए 11 पाकिस्तानी सैनिक

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान(TTP) ने पूरे इलाके को बम विस्फोट और गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला दिया. घात लगाकर किए गए हमले में 11 अर्धसैनिक बलों की मौत हो गई.

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08 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
01:53 PM )
पहले IED ब्लास्ट, फिर ताबड़तोड़ फायरिंग... TTP ने घात लगाकर किया हमला, मार गिराए 11 पाकिस्तानी सैनिक
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान(TTP) ने पूरे इलाके को बम विस्फोट और गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला दिया. घात लगाकर किए गए हमले में 11 अर्धसैनिक बलों की मौत हो गई. यह हमला कुर्रम जिले में हुआ, जो अफगान सीमा के बेहद करीब है. TTP के हमलावरों ने पहले सड़क किनारे विस्फोटक (IED) से धमाका किया और उसके तुरंत बाद गोलियों की बौछार कर दी.  यहां हाल के वर्षों में बार-बार चरमपंथी हमले देखे गए हैं. 

क्या रही TTP की रणनीति?

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, TTP ने बड़ी रणनीति के साथ हमला किया. पहले उन्होंने सड़क किनारे लगे बम से सैन्य काफिले को निशाना बनाया, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके बाद घात लगाए बैठे हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. नौ सैनिक और दो अधिकारी मौके पर ही मारे गए, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. 

इलाके की सेना ने की घेराबंदी

हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी की. इसेक बाद तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. हमलावरों का पता लगाने के लिए सर्च जारी है. अब तक किसी सरकारी प्रवक्ता या सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) की ओर से इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने रॉयटर्स के एक संवाददाता को भेजे बयान में दावा किया कि उसके लड़ाकों ने अर्धसैनिक बलों के काफिले पर यह हमला किया. इधर हमले के बाद घायल जवानों को नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि अब तक किसी भी हमलावर को पकड़े जाने की खबर नहीं आई है. 

सुरक्षा बलों पर TTP का हमला तेजा

पिछले कुछ महीनों में टीटीपी ने पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमलों की रफ्तार तेज कर दी है. यह संगठन पाकिस्तान सरकार को उखाड़ फेंककर इस्लामी कानून की अपनी कट्टर व्याख्या लागू करना चाहता है. इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी के आतंकवादी अफगान सीमा पार स्थित ठिकानों से हमलों की साजिश रचते हैं और वहीं प्रशिक्षण भी लेते हैं. हालांकि काबुल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अफगान भूमि का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा.

क्या कहते हैं सुरक्षा विशेषज्ञ

कुर्रम जिला, जो अफगान सीमा से सटा है. यहां लंबे समय से आतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा होती रही है. ये क्षेत्र आतंकवाद का गढ़ माना जाता है. सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि इस ताजा हमले से साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर आतंकवाद एक बार फिर सिर उठा रहा है. यह घटना अफगान सीमा पर बढ़ती अस्थिरता का ताजा उदाहरण है. इससे पहले सितंबर में दक्षिण वजीरिस्तान में हुए इसी तरह के हमले में 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे, जिसकी जिम्मेदारी भी टीटीपी ने ही ली थी.

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