'युद्ध खत्म नहीं हुआ है, और भी विमान हैं...', फ्लाईदुबई फ्लाइट हाईजैकिंग के बीच अलकायदा ने दी हमले की धमकी, क्या कहा?
फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुई घटना के बीच अलकायदा ने इस तरह के और भी हमले करने की धमकी दी है. ‘अल-बयान’ ने साफ कहा कि इजरायल और अमेरिका के और भी पैसेंजर विमान उड़ रहे हैं, युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है, और भी हमले होंगे.
Follow Us:
फ्लाईदुबई की फ्लाइट की हाईजैकिंग की कोशिश और इजरायल ले जाकर उसे क्रैश करने के ओमानी को-पायलट के प्लान के फेल होने के बाद आतंकी संगठन अल-कायदा ने बड़ी धमकी दी है. अल-कायदा से जुड़े पब्लिकेशन ने अमेरिकी और इजरायली पैसेंजर्स विमानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए अल-कायदा समर्थित साप्ताहिक प्रकाशन ‘अल-बयान’ के ताजा अंक में कहा गया है कि 'युद्ध खत्म नहीं हुआ है. अमेरिका, इजरायल और इस्लाम के खिलाफ लड़ने वालों को ले जाने वाले विमान अब भी आसमान में उड़ रहे हैं और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है.'
अलकायदा ने दी और भी हमले की धमकी!
आपको बताएं कि ये धमकी 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई हाइजैकिंग की कोशिश और कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के दोषी हम्माम-अल-हम्मामी की सोच, मंशा और ट्रेनिंग से संबंधित हो रही जांच के संबंध में आई है.
जांच एजेंसियां आतंकी पायलट के विभिन्न सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच कर रहे हैं. इतना ही नहीं अब तक हुई पड़ताल में हम्मामी के अकाउंट्स से अल-कायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन और अयमान अल-जवाहिरी समेत आतंक के प्रमुख चेहरों से जुड़े कॉन्टेंट मिले हैं.
कौन है हाईजैकर हम्मामी?
- फ्लाई दुबई विमान (FZ1073) को हाईजैक करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी की कुंडली सामने आई है.
- हम्मामी का जन्म यूएई (UAE) में हुआ था. इसके पिता ओमानी नागरिक हैं और मां सीरियाई मूल की हैं.
- इसने अपनी ज़िंदगी के कई अहम साल यूएई में ही बिताए हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
- इसी कट्टरपंथी सोच और संदिग्ध गतिविधियों के कारण ओमान की नेशनल एयरलाइन ने उसे नौकरी से निकाल दिया था.
- सवाल उठ रहा है कि बर्खास्तगी के बावजूद फ्लाई दुबई जैसी एयरलाइन ने उसके बैकग्राउंड की जांच क्यों नहीं की?
इजरायल में 9/11 दोहराने का था खौफनाक प्लान!
- सूत्रों के मुताबिक, हम्मामी का मकसद सिर्फ विमान को हवा में हाईजैक करना नहीं था.
- उसका असली इरादा विमान को सीधे इजरायल की ज़मीन पर क्रैश कराना था (9/11 स्टाइल हमला).
- कॉकपिट में साथी भारतीय पायलट (स्मित मच्छार) के शौर्य ने 180 लोगों की जान बचाकर इस बड़ी आतंकी साज़िश को नाकाम कर दिया.
फ्लाईदुबई हमले के पीछे जो भी है, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी : बेंजामिन नेतन्याहू
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा था कि फ्लाईदुबई घटना में हमलावर का इस्लामी कट्टरपंथीकरण हुआ था और उसका इरादा विमान में सवार सभी यात्रियों के साथ विमान को क्रैश करने का था.
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हवाले से कहा, “जैसे-जैसे समय बीत रहा है, तस्वीर और स्पष्ट होती जा रही है. यानिव और उसके बहादुर साथियों ने 9/11 जैसी भयावह त्रासदी को टाल दिया. हमलावर कट्टर इस्लामी विचारधारा से प्रभावित होकर उग्रपंथी बन गया. उसका इरादा विमान में सवार सभी यात्रियों के साथ विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का था.”
नेतन्याहू ने अपने कार्यालय द्वारा साझा किए गए वीडियो संदेश में कहा, "हम अब जांच कर रहे हैं कि क्या उसे भेजा गया था और जिसने भी उसे भेजा है उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."
'मेरे अंदर एक आखिरी कोशिश की ताकत बची थी'
कैप्टन स्मित ने कॉकपिट के अंदर की पूरी बात बताई है. आपको बता दें कि इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को कथित तौर पर कब्जे में लेने की कोशिश को नाकाम करने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट के अंदर के उन डरावने पलों के बारे में बताया है, जब उन्हें एहसास हुआ कि उनका को-पायलट उन पर हमला कर रहा है.
इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान पूरी घटना बताई. नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है.
मच्छार ने बताया कि उड़ान की शुरुआत बिल्कुल सामान्य थी. शुरुआत में उन्हें किसी तरह का शक नहीं हुआ. को-पायलट ने उनसे कहा था कि वह प्रार्थना करना चाहता है. उन्होंने बताया कि स्थानीय यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच ऐसा करना आम बात है. इसी वजह से उसके सम्मान में वह कॉकपिट में पीछे देखने के बजाय सामने की तरफ देखने लगे.
मच्छार ने कहा, "जब वह प्रार्थना कर रहा था, तो सम्मान के तौर पर मैं पीछे नहीं बल्कि सामने देख रहा था. अचानक करीब चार-पांच मिनट बाद मेरे सिर के पीछे बहुत जोर से वार हुआ." उन्होंने बताया कि जोरदार हमला होते ही एक पल के लिए लगा कि शायद विमान में कोई बड़ी घटना हो गई है.
कैप्टन स्मित ने बताई कॉकपिट के अंदर की पूरी बात
उन्होंने कहा, "मुझे सबसे पहले लगा कि विमान को कोई बड़ा नुकसान हुआ है और कुछ ठीक नहीं है. इसके बाद एक के बाद एक वार होते रहे. तभी मुझे एहसास हुआ कि समस्या विमान में नहीं है, बल्कि मेरे साथ कॉकपिट में मौजूद दूसरा व्यक्ति मुझ पर हमला कर रहा है."
कैप्टन मच्छार ने बताया कि उन्होंने हमलावर को रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती वारों की वजह से उनकी नजर बुरी तरह प्रभावित हो गई थी और उन्हें साफ दिखाई नहीं दे रहा था.
उन्होंने कहा, "उस समय मुझे महसूस हुआ कि विमान बहुत तेजी से नीचे जा रहा है. अभी भी मुझे उस वक्त की बातें पूरी तरह याद नहीं हैं. उस समय की जो बातें मुझे याद हैं, उनमें यह भी शामिल है."
उन्होंने कहा कि मैंने कोशिश करके एक बार दरवाजा खोल लिया था, लेकिन मुझे लगता है कि उसने उसे फिर बंद कर दिया. इसके बाद मुझे याद है कि मैं कॉकपिट के फर्श पर पड़ा था. मुझे विमान की तेज आवाज सुनाई दे रही थी और लोग चीख रहे थे.
कैप्टन ने बताया कि उसी समय उन्हें एहसास हुआ कि विमान को नीचे जाने से रोकने के लिए उनके पास सिर्फ एक आखिरी मौका है. गंभीर रूप से घायल होने और हमले झेलने के बावजूद उन्होंने दोबारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश करने का फैसला किया.
उन्होंने कहा, "जैसा कि मैं यहां राजदूत को बता रहा था, मेरे अंदर एक आखिरी कोशिश की ताकत बची थी. इसे आप अपने लिए कहें या लोगों के लिए, मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि अगर मैं कुछ नहीं करता, तो मेरी मौत तय थी. तभी मैंने पूरी ताकत लगा दी. मेरे अंदर जितनी भी ताकत बची थी, मैंने सब लगा दी और दरवाजे तक पहुंचकर उसे खोल दिया."
उन्होंने कहा, "शुक्र है कि बाहर लोग तैयार खड़े थे. उन्होंने तुरंत कार्रवाई की, हालात को काबू कर लिया और उसके बाद की कहानी आप जानते ही हैं."
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से की बात!
कैप्टन मच्छार की बात सुनने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनके साहस की तारीफ की. नेतन्याहू ने कहा, "मैं आपके साहस और इतने मुश्किल हालात में भी शांत रहकर सही फैसला लेने की आपकी क्षमता से हैरान हूं."
उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार ने जो किया, वह बेहद असाधारण था और किसी चमत्कार से कम नहीं था. उन्होंने कहा कि पायलट ने विमान में सवार लोगों की जान बचाने के अलावा उससे भी कहीं बड़ा काम किया है.
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान की चोरी और सीना जोरी, भारत ने निकाल दी...घुसपैठियों पर BSF के एक्शन से भड़का था, मिल गया तगड़ा जवाब
नेतन्याहू ने कहा, "आपने इतनी सारी जानें बचाईं. मुझे लगता है कि आपने इससे भी बड़ा कुछ बचाया है. आपने दुनिया में यह भरोसा जगाया कि एक बहादुर पायलट और बहादुर यात्री इस बुराई का सामना कर सकते हैं, चाहे वह कितनी भी खतरनाक और हिंसक क्यों न हो. यही वजह है कि पूरी दुनिया में आपकी सही मायने में तारीफ हो रही है." उन्होंने कहा, "आप इजरायल के हीरो हैं. आप भारत के हीरो हैं. आप पूरी दुनिया के हीरो हैं." नेतन्याहू ने अपने परिवार की ओर से भी पायलट के परिवार को शुभकामनाएं भेजीं.
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की पत्नी को भी भेजीं शुभकामनाएं!
उन्होंने कहा, "कृपया मेरी और मेरी पत्नी की ओर से अपनी पत्नी को भी शुभकामनाएं दीजिए. मैं जानता हूं कि आपका एक परिवार है और यह भी जानता हूं कि अब आप दुनिया के देशों के परिवार का हिस्सा हैं, और उसके एक बहादुर सदस्य हैं. कृपया जल्द से जल्द ठीक हो जाइए."
बातचीत के आखिर में नेतन्याहू ने कैप्टन को फिर से इजरायल आने का न्योता देते हुए कहा, "हमें उम्मीद है कि हम आपको बहुत जल्द इजरायल में देखेंगे. मैं आपसे यहां दोबारा मिलने का इंतजार कर रहा हूं. लेकिन इन हालात को देखते हुए मुझे लगता है कि यह यात्रा यादगार और ऐतिहासिक होगी."
यह भी पढ़ें
इजरायल के प्रधानमंत्री ने पायलट से कहा, "आपने जो कुछ भी किया, उसके लिए आपका धन्यवाद."