Advertisement

Loading Ad...

एक्सप्रेसवे का गेमचेंजर असर, इन इलाकों में जमीन खरीदना हो सकता है फायदे का सौदा

Delhi-Dehradun Expressway: रीब 12,000 करोड़ रूपये की लागत से बना यह 213 किलोमीटर लंबा, 6 लेन एक्सप्रेसवे अब लोगों के लिए खुल चूका हैं. सुबह दिल्ली से निकलो और आराम से दोपहर से पहले देहरादून की ठंडी हवा का मजा लो. लेकिन यह बदलाव सिर्फ घूमने -फिरने तक सिमित नहीं हैं, इसका असर अब धीरे -धीरे जमीन और प्रॉपर्टी के दामों पर भी दिखने लगा हैं.

Image Source: Nitin Gadkari x Post
Loading Ad...

Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून जाना पहले एक लंबा और थकाने वाला सफर माना जाता था. 6 -7 घंटे का समय लगना आम बात थी, और कई लोग सिर्फ इसी वजह से ट्रिप टाल देते थे. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दिल्ली - देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, और इसके साथ ही यात्रा का पूरा अनुभव बदल गया. करीब 12,000 करोड़ रूपये की लागत से बना यह 213 किलोमीटर लंबा, 6 लेन एक्सप्रेसवे अब लोगों के लिए खुल चूका हैं. अब वही दूरी आप सिर्फ ढाई घंटे में तय कर सकते हैं.सोचिए, सुबह दिल्ली से निकलो और आराम से दोपहर से पहले देहरादून की ठंडी हवा का मजा लो. लेकिन यह बदलाव सिर्फ घूमने -फिरने तक सिमित नहीं हैं, इसका असर अब धीरे -धीरे जमीन और प्रॉपर्टी के दामों पर भी दिखने लगा हैं. 

तेज कनेक्टिविटी से बढ़ेगी प्रॉपर्टी की कीमत

जब किसी इलाके की कनेक्टिविटी सुधरती है, तो वहां की वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है. यही इस एक्सप्रेसवे के साथ भी हो रहा है. रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म MagicBricks के मुताबिक, इस कॉरिडोर के आसपास आने वाले समय में प्रॉपर्टी की कीमतों में 15% से 30% तक उछाल आ सकता है. दिल्ली NCR, गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे इलाकों में निवेशकों की नजरें टिक गई हैं. कम समय में सफर, बेहतर सड़कें और नए बिजनेस मौके, ये सब मिलकर इन जगहों को हॉटस्पॉट बना रहे हैं.

Loading Ad...

बागपत और बरौत- सस्ते में बड़ा मौका

Loading Ad...

दिल्ली के पास होने की वजह से बागपत पहले से ही चर्चा में था, लेकिन अब एक्सप्रेसवे ने इसे और खास बना दिया है. यहां अभी भी जमीन के दाम अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन मांग तेजी से बढ़ रही है. इंडस्ट्रियल पार्क और लॉजिस्टिक्स हब बनने की संभावना से रोजगार भी बढ़ेगा और आबादी भी. बरौत, जो बागपत के पास ही है, धीरे-धीरे निवेशकों की पसंद बनता जा रहा है. यहां प्लॉट लेकर भविष्य के लिए निवेश करना लोग बेहतर विकल्प मान रहे हैं, खासकर एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज के पास.

शामली और मुजफ्फरनगर-  व्यापार के नए केंद्र

Loading Ad...

शामली को NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला अहम पॉइंट माना जा रहा है. यहां वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट से जुड़े काम तेजी से बढ़ सकते हैं. इसका सीधा असर प्रॉपर्टी के दामों पर पड़ेगा, जहां 15–25% तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है. मुजफ्फरनगर के बाहरी इलाकों में अभी भी बड़े प्लॉट सस्ते में मिल रहे हैं. लेकिन जैसे-जैसे इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां बढ़ेंगी, यहां की जमीन भी सोने के भाव बिक सकती है.जो लोग लंबी अवधि का निवेश सोच रहे हैं, उनके लिए यह जगह खास हो सकती है.

सहारनपुर - एक्सप्रेसवे का बड़ा जंक्शन

सहारनपुर इस पूरे कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है. यहां इंडस्ट्री, वेयरहाउस और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए काफी संभावनाएं हैं. इसका फायदा यह है कि यहां रेसिडेंशियल और कमर्शियल, दोनों तरह के निवेश में फायदा मिल सकता है.

Loading Ad...

देहरादून और आसपास - अब सिर्फ टूरिस्ट नहीं, निवेशक भी पहुंचेंगे 

यह भी पढ़ें

देहरादून अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं रह गया है, बल्कि एक मजबूत रियल एस्टेट मार्केट भी बनता जा रहा है. जब आप दिल्ली से सिर्फ ढाई घंटे में यहां पहुंच सकते हैं, तो लोग अब यहां सेकंड होम, वीकेंड हाउस या रिटायरमेंट के लिए घर लेने का सोच रहे हैं. देहरादून के आउटर एरिया में विला, फार्महाउस और लाइफस्टाइल प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ रही है. वहीं राजपुर रोड और ऋषिकेश बाइपास जैसे इलाके प्रीमियम लोकेशन के तौर पर उभर रहे हैं, जहां लग्जरी हाउसिंग का ट्रेंड बढ़ सकता है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...