Meerut Metro Opening: अब सिर्फ 58 मिनट में दिल्ली से मेरठ, RRTS कॉरिडोर रविवार से चालू, जानिए खास बातें
दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर का आधिकारिक उद्घाटन भी होगा. यह कॉरिडोर 82 किलोमीटर लंबा है और दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ता है.इससे यात्रियों का सफर तेज और आसान हो जाएगा और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा.
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Delhi-Meerut RRTS Corridor Opening Date: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है, जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा और गाजियाबाद. अब मेरठ में मेट्रो और रैपिड रेल सेवा की शुरुआत होने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी, 2026 को दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से मेरठ साउथ तक नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.. इसके साथ ही दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर का आधिकारिक उद्घाटन भी होगा. यह कॉरिडोर 82 किलोमीटर लंबा है और दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ता है.इससे यात्रियों का सफर तेज और आसान हो जाएगा और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा.
शुरुआती ट्रेनें और स्टेशन
शुरुआती तौर पर शताब्दी नगर से दो ट्रेनें अपनी सेवाएं शुरू करेंगी. एक ट्रेन सराय काले खां की ओर जाएगी और दूसरी मेरठ मेट्रो के रूप में चलेगी. फिलहाल 55 किलोमीटर लंबा हिस्सा पहले ही चालू है, जो न्यू अशोक नगर से लेकर मेरठ साउथ तक जाता है और इसमें 11 स्टेशन शामिल हैं. इस हिस्से पर यात्रियों को पहले से सुविधाएं मिल रही हैं.
बाकी हिस्से का ट्रायल अगस्त 2025 में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. सुरक्षा और संचालन की सभी जांचें पूरी हो चुकी हैं और पूरा कॉरिडोर अब सार्वजनिक संचालन के लिए तैयार है.
ट्रेनें और आवृत्ति (Frequency)
सराय काले खां से मोदीपुरम (मेरठ) तक का सफर सिर्फ 58 मिनट में पूरा होगा. इस कॉरिडोर की ट्रेनों की डिज़ाइन स्पीड 135 किमी प्रति घंटे है और मैक्स ऑपरेशनल स्पीड 120 किमी प्रति घंटे है. ट्रेनें फिलहाल हर 15 मिनट पर चलती हैं. जब पूरा कॉरिडोर चालू होगा, तो ट्रेनें हर 10 मिनट पर मिलेंगी, जिससे यात्रियों का वेटिंग टाइम कम हो जाएगा.
मेरठ मेट्रो की जानकारी
मेरठ मेट्रो 23 किलोमीटर लंबी रूट पर चलेगी, जो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक जाएगी. इसमें 13 स्टेशन होंगे और पूरा सफर लगभग 55 मिनट में पूरा होगा। इससे मेरठ के स्थानीय यात्री भी तेज और सुविधाजनक सफर का अनुभव करेंगे.
देश की सबसे तेज़ और आधुनिक मेट्रो प्रणाली
उच्च गति, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लगातार चलने वाली ट्रेनों की वजह से यह RRTS कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज़ और आधुनिक मेट्रो प्रणाली बन रही है. रोजाना लाखों यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा.
इस कॉरिडोर से दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी अब जल्दी तय होगी, सड़क की भीड़ और ट्रैफिक की परेशानी कम होगी, और लोगों को समय की बचत होगी. यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी.
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