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Train में गंदगी फैलाना पड़ेगा महंगा! रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना, इन गलतियों पर भी होगी कार्रवाई
Railway: यह बदलाव 24 अगस्त 2026 को जारी Gazette Notification के बाद सामने आया है. खास बात यह है कि नियम सिर्फ कचरा फेंकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रेलवे परिसर में गंदगी या असुविधा पैदा करने वाली कई दूसरी गतिविधियां भी इसके दायरे में आती हैं.
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Indian Railway: अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो रेलवे के साफ-सफाई से जुड़े नए नियम आपके लिए जानना बेहद जरूरी है. ट्रेन में सफर के दौरान खाना-पीना आम बात है, लेकिन खाने के बाद पैकेट, बोतल या दूसरा कचरा सीट के नीचे या कोच में कहीं भी छोड़ देना अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. भारतीय रेलवे ने सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है और कई मामलों में जुर्माने की रकम बढ़ा दी गई है. यह बदलाव 24 अगस्त 2026 को जारी Gazette Notification के बाद सामने आया है. खास बात यह है कि नियम सिर्फ कचरा फेंकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रेलवे परिसर में गंदगी या असुविधा पैदा करने वाली कई दूसरी गतिविधियां भी इसके दायरे में आती हैं.
कचरा फेंका तो 1000 रुपये तक का फाइन
नए नियमों के मुताबिक ट्रेन, प्लेटफॉर्म या रेलवे स्टेशन पर कचरा इधर-उधर फेंकना महंगा पड़ सकता है. अगर कोई यात्री कूड़ा निर्धारित जगह पर डालने के बजाय सीट के पास, फर्श या किसी दूसरे हिस्से में छोड़ देता है, तो उस पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसलिए सफर के दौरान खाने-पीने के बाद कचरे को डस्टबिन या रेलवे की ओर से तय की गई जगह पर ही डालना बेहतर होगा. रेलवे का मकसद साफ है, ट्रेनों और स्टेशनों को साफ रखना और यात्रियों में भी सफाई को लेकर जिम्मेदारी बढ़ाना.
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थूकना और गंदगी फैलाना भी पड़ेगा भारी
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रेलवे के नए नियमों में सिर्फ कूड़ा फेंकने पर ही नजर नहीं है. ट्रेन या रेलवे परिसर में गलत जगह थूकना भी कार्रवाई का कारण बन सकता है. इसके अलावा कपड़े या बर्तन धोना, नहाना या ऐसी गतिविधियां करना जिनसे रेलवे परिसर में गंदगी या दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है, उन पर भी सख्ती की जा सकती है. यानी रेलवे की यात्रा के दौरान यात्रियों को अब अपनी छोटी-छोटी आदतों का भी ध्यान रखना होगा.
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जानवरों और पक्षियों को खाना खिलाने पर भी रोक
रेलवे परिसर में जानवरों या पक्षियों को खाना खिलाने की आदत भी कुछ परिस्थितियों में परेशानी खड़ी कर सकती है. निर्धारित जगह के बाहर ऐसा करने से गंदगी फैलती है और यात्रियों को भी दिक्कत हो सकती है. इसलिए नए नियमों के तहत ऐसी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी.
रेलवे की दीवार पर पोस्टर या कुछ लिखा तो कार्रवाई
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रेलवे की संपत्ति को गंदा करने वालों पर भी कार्रवाई की जा सकती है. ट्रेन के कोच, स्टेशन की दीवार या रेलवे की दूसरी संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर लगाना, कुछ लिखना, नारे बनाना या चित्र बनाना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है. इसका उद्देश्य रेलवे की संपत्ति को साफ और सुरक्षित रखना है.
जुर्माना नहीं भरा तो मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है
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यात्रियों के लिए एक और जरूरी बात यह है कि अगर नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया जाता है और उसे भरने से इनकार किया जाता है, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में कोर्ट की ओर से 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसलिए सफर के दौरान नियमों का पालन करना ही सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है. रेलवे की कोशिश यही है कि ट्रेन और स्टेशन सिर्फ सफर करने की जगह न रहें, बल्कि साफ-सुथरे और यात्रियों के लिए बेहतर माहौल वाले भी बने रहें. ऐसे में यात्रियों की छोटी-सी जिम्मेदारी भी इस बदलाव को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.