Advertisement
अब महंगी होगी शिमला की सड़कों पर एंट्री, नियम हुए सख्त, परमिट से लेकर फाइन तक सब महंगा
Shimla Entry Rules: सरकार इन सड़कों पर ट्रैफिक को कंट्रोल करने और पैदल चलने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नियमों को और सख्त करने जा रही है. इसके लिए विधानसभा में एक नया संशोधन विधेयक पेश किया गया है.
Advertisement
Shimla Entry Rules: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अब सील यानी प्रतिबंधित सड़कों पर गाड़ी चलाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. सरकार इन सड़कों पर ट्रैफिक को कंट्रोल करने और पैदल चलने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नियमों को और सख्त करने जा रही है. इसके लिए विधानसभा में एक नया संशोधन विधेयक पेश किया गया है. इस बदलाव का मकसद साफ़ है, शहर की भीड़भाड़ कम करना और लोगों को सुरक्षित माहौल देना.
बिना परमिट गाड़ी चलाई तो भारी जुर्माना
अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के इन ‘सील’ सड़कों पर गाड़ी चलाता है, तो अब उसे भारी जुर्माना भरना पड़ेगा. नए प्रस्ताव के मुताबिक, यह जुर्माना 5,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक हो सकता है. वहीं जिन लोगों के पास परमिट तो है, लेकिन वे नियमों का पालन नहीं करते, उनके लिए भी 2,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है. यानी अब लापरवाही बिल्कुल भी सस्ती नहीं पड़ेगी.
Advertisement
परमिट लेना भी अब महंगा होगा
Advertisement
सरकार ने सिर्फ जुर्माना ही नहीं बढ़ाया, बल्कि परमिट की फीस में भी बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है. पहले सालाना परमिट के लिए 2,500 रुपये देने पड़ते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जा सकता है.
दैनिक परमिट की बात करें तो वह भी 200 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये तक किया जा सकता है. इसके अलावा, परमिट के लिए आवेदन करने का प्रोसेसिंग शुल्क भी 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने की योजना है.
अब पास जारी करने का अधिकार बदलेगा
Advertisement
एक और अहम बदलाव यह है कि अब इन प्रतिबंधित सड़कों के लिए पास जारी करने का अधिकार बदल दिया जाएगा. पहले यह जिम्मेदारी उपायुक्त (DC) के पास होती थी, लेकिन अब इसे गृह सचिव को सौंपने का प्रस्ताव है. इससे प्रक्रिया ज्यादा केंद्रीकृत और नियंत्रित हो जाएगी.
मौके पर जुर्माना भरने पर थोड़ी राहत
हालांकि नियम सख्त किए जा रहे हैं, लेकिन लोगों को थोड़ी राहत भी दी गई है. अगर कोई व्यक्ति मौके पर ही जुर्माना भर देता है, तो पुलिस को यह अधिकार होगा कि वह जुर्माने की राशि को 50% तक कम कर दे. यानी तुरंत भुगतान करने पर कुछ राहत मिल सकती है.
Advertisement
आखिर क्यों किए जा रहे हैं ये बदलाव?
शिमला एक पहाड़ी शहर है, जहां सड़कें संकरी हैं और पैदल चलने वालों की संख्या काफी ज्यादा होती है. ऐसे में अनावश्यक वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. सरकार का यह कदम शहर को ज्यादा सुरक्षित, साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक प्रयास है.
यह भी पढ़ें