IndiGo Flight में आग के बाद DGCA का बड़ा एक्शन, इस मॉडल के Power Bank पर लगाया बैन
DGCA: डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव ने एयरलाइंस को निर्देश दिया कि इस विशेष पावरबैंक मॉडल को न तो यात्रियों द्वारा विमान में लाया जाए और न ही कार्गो के रूप में इसका परिवहन किया जाए.
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Indigo Flight: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो विमान में आग लगने की एक घटना के बाद मोबिकिन्स एमके-पीबी-04 पावरबैंक को भारत आने-जाने वाली और देश के भीतर संचालित होने वाली सभी उड़ानों में ले जाने या परिवहन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
इंडिगो की उड़ान में आग लगने के बाद लिया गया फैसला
विमानन नियामक ने यह निर्देश उस घटना के बाद जारी किया, जिसमें रविवार को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक उड़ान में इस पावरबैंक से जुड़ी आग लगने के कारण विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ना पड़ा था..इसके बाद डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव ने एयरलाइंस को निर्देश दिया कि इस विशेष पावरबैंक मॉडल को न तो यात्रियों द्वारा विमान में लाया जाए और न ही कार्गो के रूप में इसका परिवहन किया जाए.
एयरलाइंस को दिए गए सख्त निर्देश
आदेश के तहत एयरलाइंस को प्रभावित डिवाइस की पहचान करने, उसे उड़ानों में लाए जाने से रोकने और यात्रियों को उचित माध्यमों से सुरक्षा संबंधी सलाह जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.यह प्रतिबंध केवल मोबिकिन्स एमके-पीबी-04 मॉडल पर लागू होगा और सभी पावरबैंकों पर सामान्य प्रतिबंध नहीं है. यात्रियों को यात्रा से पहले अपने पावरबैंक का मॉडल नंबर जांचने और एयरलाइंस के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. जिन लोगों के पास यह विशेष मॉडल है, उन्हें भारत के भीतर या भारत आने-जाने वाली किसी भी उड़ान में इसे साथ नहीं ले जाने को कहा गया है.
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पावरबैंक और बैटरी को लेकर क्या हैं नियम?
यह कदम लिथियम-आयन बैटरियों और पावरबैंकों से जुड़े सुरक्षा नियमों को और कड़ा किए जाने के बाद उठाया गया है. डीजीसीए के मौजूदा खतरनाक वस्तु दिशा-निर्देशों के अनुसार, पावरबैंक और अतिरिक्त बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाई जा सकती हैं और इन्हें ओवरहेड कंपार्टमेंट में रखने की अनुमति नहीं है. नियामक ने यात्रियों को उड़ान के दौरान पावरबैंक की मदद से मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने से भी रोक दिया ह. विमान की सीटों पर उपलब्ध पावर आउटलेट के माध्यम से भी ऐसा करने की अनुमति नहीं होगी.
यात्रियों की सुरक्षा के लिए एयरलाइंस को निर्देश
एयरलाइंस को यात्रियों को इन नियमों के बारे में जागरूक करने, केबिन क्रू को बैटरी से जुड़ी घटनाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने और लिथियम बैटरी में आग लगने या खराबी की किसी भी घटना की जानकारी नियामक को देने के निर्देश दिए गए हैं.यात्रियों को यह भी कहा गया है कि यदि उड़ान के दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अत्यधिक गर्म हो जाए, धुआं छोड़ने लगे या उसमें से असामान्य गंध आने लगे तो इसकी जानकारी तुरंत केबिन क्रू को दें.
लिथियम-आयन बैटरी में क्यों रहता है आग का खतरा?
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लिथियम-आयन बैटरियों का व्यापक उपयोग पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है, लेकिन बैटरी के क्षतिग्रस्त, दोषपूर्ण, अधिक चार्ज होने या गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है.विमान के भीतर इस तरह की घटनाओं को विशेष रूप से खतरनाक माना जाता है, क्योंकि धुआं तेजी से फैल सकता है और प्रभावित उपकरण तक पहुंच बनाना मुश्किल हो सकता है.