8th Pay Commission: होली का डबल धमाका! DA बढ़ोतरी से बढ़ सकती है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, अप्रैल से मिलेगा फायदा
8th Pay Commission: सरकार ने आयोग के कार्यक्षेत्र यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को अक्टूबर में मंजूरी दी थी. माना जा रहा है कि पैनल को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने लग सकते हैं. इसका मतलब है कि सैलरी स्ट्रक्चर, न्यूनतम वेतन, भत्तों और पेंशन में बड़े बदलाव तुरंत नहीं होंगे, बल्कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होंगे.
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8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने आठवां केंद्रीय वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू तो कर दिया है, लेकिन असल बदलाव देखने के लिए कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा. जब तक आयोग अपनी सिफारिशें तैयार कर उन्हें सरकार से मंजूरी नहीं दिला देता, तब तक एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स सातवें वेतन आयोग के ढांचे के अनुसार ही वेतन और भत्ते लेते रहेंगे. सरकार ने आयोग के कार्यक्षेत्र यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को अक्टूबर में मंजूरी दी थी. माना जा रहा है कि पैनल को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने लग सकते हैं. इसका मतलब है कि सैलरी स्ट्रक्चर, न्यूनतम वेतन, भत्तों और पेंशन में बड़े बदलाव तुरंत नहीं होंगे, बल्कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होंगे.
मार्च में डीए बढ़ने की उम्मीद
वेतन आयोग की सिफारिशों में समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई भत्ते यानी डीए में राहत मिलने की उम्मीद जरूर है. श्रम मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) दिसंबर में 148.2 पर स्थिर रहा है. यही सूचकांक डीए तय करने का आधार होता है. अनुमान है कि डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह 58 प्रतिशत से बढ़कर करीब 63 प्रतिशत तक पहुंच सकता है.
खबरें हैं कि सरकार मार्च में, संभवतः होली के आसपास, डीए बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है. यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन के साथ बढ़ा हुआ डीए मिलेगा और जनवरी 2026 से लागू बढ़ोतरी का बकाया भी दिया जाएगा. छमाही प्रणाली के तहत डीए हर साल जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. पिछली बार जुलाई में इसे 54 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया था. ऐसे में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए महंगाई से राहत का छोटा लेकिन अहम सहारा होगी.
25 फरवरी को कर्मचारी संगठनों की अहम बैठक
आठवें वेतन आयोग का कार्यालय नई दिल्ली में स्थापित हो चुका है. अब विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. 25 फरवरी को राजधानी में प्रमुख संगठनों की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में वेतन संशोधन, न्यूनतम वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी.
रेलवे, रक्षा, डाक, आयकर और अन्य विभागों के प्रतिनिधि मिलकर एक साझा मसौदा तैयार करेंगे. इसके बाद यह प्रस्ताव आयोग को सौंपा जाएगा. आयोग अंतिम सिफारिशें तय करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से सुझाव और प्रतिक्रिया भी मांगेगा, ताकि फैसला संतुलित और व्यापक हो.
आधिकारिक वेबसाइट हुई लॉन्च
सरकार ने आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in भी लॉन्च कर दी है. यह वेबसाइट जानकारी और सुझावों का एक केंद्रीय मंच होगी. यहां आयोग के कार्यक्षेत्र, ढांचे, प्रश्नावली और ऑनलाइन प्रतिक्रिया देने की सुविधा उपलब्ध रहेगी. सरकारी मंत्रालयों, विभागों, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर तैयार किया गया है, ताकि वे वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों पर अपने सुझाव सीधे आयोग तक पहुंचा सकें. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रक्रिया अधिक भागीदारी वाली बनेगी.
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कई कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है. ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ने देशभर में कार्यक्रम चलाकर न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, डीए संशोधन और सेवा शर्तों में सुधार की मांग की है. उन्होंने आयोग से 200 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने की अपील भी की है.
साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य कर्मचारियों के वेतन को केंद्र सरकार के बराबर करने की मांग भी उठाई गई है. इन मांगों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भी सौंपे गए हैं. साफ है कि आने वाले महीनों में वेतन आयोग को लेकर चर्चा और तेज होगी, और कर्मचारियों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी रहेंगी.
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