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‘…मर जाऊंगा, मराठी नहीं बोलूंगा' भाषा पर लड़ने आई दो महिलाओं को एक पुरूष का साफ संदेश, कहा- भारत में रहते हैं

गणेश उत्सव के दौरान शूट हुए एक वीडियो में भाषा विवाद भड़क उठा. वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि एक महिला ट्रैवल व्लॉगर विजय चंदेल से कहती है “मराठी में बात करिए.” इस पर विजय साफ जवाब देते हैं “मैं हिंदी में बात करता हूं और हिंदी में ही बोलूंगा.” देखें वीडियो

‘…मर जाऊंगा, मराठी नहीं बोलूंगा' भाषा पर लड़ने आई दो महिलाओं को एक पुरूष का साफ संदेश, कहा- भारत में रहते हैं
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महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. त्रिभाषा नीति को लेकर राज और उद्धव ठाकरे के विरोध के बाद सरकार ने भले ही अपना फैसला वापस ले लिया हो, लेकिन भाषा की जंग अभी भी समाज में तनाव बढ़ा रही है. इस बीच पनवेल से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक हिंदी भाषी शख्स को मराठी बोलने का दबाव और धमकियां दी गईं, लेकिन उसने झुकने से इनकार कर दिया. मुंबई से सटे पनवेल इलाके का ये वीडियो बताया जा रहा है.

भाषा को लेकर भड़का विवाद 

गणेश उत्सव के दौरान शूट हुए एक वीडियो में भाषा विवाद भड़क उठा. वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि एक महिला ट्रैवल व्लॉगर विजय चंदेल से कहती है “मराठी में बात करिए.” इस पर विजय साफ जवाब देते हैं “मैं हिंदी में बात करता हूं और हिंदी में ही बोलूंगा.”

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इसके बाद महिला और उसके साथ मौजूद शख्स दबाव डालते हुए कहते हैं “महाराष्ट्र में रहते हो, इसलिए मराठी बोलनी पड़ेगी.” बहस बढ़ने पर महिला यहां तक कह देती है “पुलिस आएगी, तब बताना.” अंत में वह विजय से दोबारा कहती है“आप महाराष्ट्र में रहते हैं, हमारे कल्चर की इज्जत कीजिए और मराठी में बात कीजिए.”

वीडियो में पुरूष ने क्या कहा?

वायरल वीडियो में विजय चंदेल ने साफ कहा “मैं महाराष्ट्र की इज्जत करता हूं, लेकिन मुझे मराठी बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. भारत की भाषा हिंदी है और मैं हिंदी में ही बात करूंगा. मराठी न बोलता हूं, न बोलूंगा. मरते दम तक हिंदी में ही बात करूंगा.”
हालांकि, विवाद बढ़ने के बावजूद न तो दोनों परिवारों ने पुलिस से संपर्क किया और न ही मीडिया से. बाद में आपसी सहमति से मामला शांत हो गया, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है.

पहले भी होता रहा है विवाद 

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पहली पांचवीं कक्षा में हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बनाने के सरकार के आदेश के खिलाफ विरोध तूल पकड़ा. इसके बाद सरकार ने इस निर्णय को वापस ले लिया. सात मनसे (MNS) कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, जिन पर एक दुकानदार पर हिंदी में बोलने की वजह से हमला करने का आरोप था. एक वायरल वीडियो में ऑटो ड्राइवरों ने परिवार को धमकाया कि ‘मराठी में बोलो, यह महाराष्ट्र है’. पंढरपूर विठ्ठल मंदिर में एक पुरोहित ने मराठी की बजाय हिंदी में पूजा की, जिससे भाषा-आधारित संवेदनशीलता बढ़ गई. आदित्य ठाकरे ने त्रिभाषा नीति पर जोर देकर कहा कि यह बच्चों पर भाषा का बोझ डालना है. मंत्री अशोक उईके ने पुणे में कहा "मैं सिर्फ मराठी बोलूंगा, हिंदी नहीं". दिनेश लाल “निरहुआ” यादव और पवन सिंह ने ऐलान किया कि वे मराठी नहीं बोलेंगे, चाहे मार ही डालो. अभिनेता सुबोध भावे ने कहा “हिंदी मत सिखाएं, हमें यहां के मराठी की अस्मिता का सम्मान चाहिए.” कांग्रेस ने कहा कि यह विवाद BMC चुनावों में भाजपा द्वारा हिंदी भाषियों को एकजुट करने का जाल है. वहीं, उद्धव ठाकरे ने बोला कि भाजपा 'भाषाई इमरजेंसी' लागू कर रही है. संजय राउत ने फिल्मी हस्तियों को सवाल में लिया मराठी जनता ने उन्हें उठाया, अब क्यों चुप हैं जब मराठी पर हमला हो रहा है?

 

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