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'मैं एक भारतीय के तौर पर मरना चाहती हूं': 95 साल की बुजुर्ग ने छोड़ दी अमेरिकी नागरिकता, बताई अपनी आखिरी इच्छा
आंध्र प्रदेश की 95 साल की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ते हुए कहा है कि वो अपनी आखिरी सांस एक भारतीय के तौर पर लेना चाहती हैं. इसलिए उन्होंने जिला कलेक्टर के पास भारत की नागरिकता वापस लेने का आवेदन दिया है. अब घटना का भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
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जो भारत में पैदा लेता है, वो हमेशा भारत का ही बनकर रह जाता है. भले वो दुनिया के किसी भी कोने में चला जाए, कितने दिन भी रहे, उसका दिल फिर भी हिंदुस्तानी ही रहता है. ऐसा ही एक मामला आंध्र प्रदेश के बापटला ज़िले से सामने आया है. यहां एक 95 वर्षीय महिला ने अपने जीवन के आखिरी दिन भारत में जीने के लिए अमेरिका की नागरिकता छोड़ दी और कहा कि उसके जीवन की अब बस एक ही आखिरी इच्छा है कि अपनी ज़िंदगी खत्म होने से पहले एक बार फिर भारतीय नागरिक के तौर पर पहचान पाना. बुजुर्ग महिला ने बतौर अमेरिकी नागरिक दो दशक तक अमेरिका में बिताए.
'भारतीय के तौर पर लेना चाहती हूं आखिरी सांस'
ये मामला आंध्र प्रदेश के बापटला ज़िले के चिनागंजम मंडल के चिंथगुम्पला गांव की रहने वाली कोंड्रागुंटा महालक्ष्मीम्मा से जुड़ा है. जिन्होंने हाल ही में ज़िलाधिकारी से मुलाकात की और भारतीय नागरिकता वापस पाने के लिए अपनी अर्ज़ी पर जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया. आपको बता दें कि स्थानीय अधिकारियों से की गई उनकी भावुक अपील ने लोगों का दिल जीत लिया है. इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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बेटे के साथ रहेगी बुजुर्ग, छोड़ दी अमेरिकी नागरिकता
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महालक्ष्मीम्मा बुधवार को अपने ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) बेटे बुचैया चौधरी के साथ बापटला ज़िले के कलेक्टर जे. वेंकटा मुरली के सामने पेश हुईं. उन्होंने बताया कि अपने पति नागभूषणम की मौत के बाद, वह अमेरिका में अपने बेटे के साथ रहने के लिए पीट्सबर्ग, वर्जीनिया चली गई थीं.
करीब दो दशक तक अमेरिका में रहीं महालक्ष्मीम्मा
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रिपोर्ट के मुताबिक, वह जुलाई 2000 में अमेरिकी नागरिक बनीं और लगभग 18 साल तक वहीं रहीं. 2018 में, जब उनके बेटे ने मंगलगीरी के NRI हॉस्पिटल में काम करना शुरू किया, तो वह भारत लौट आईं. तब से वह अपने पैतृक गाँव में रह रही हैं.
भारतीय नागरिकता के लिए महालक्ष्मीम्मा ने किया आवेदन
महालक्ष्म्मा ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ दी है और भारतीय नागरिकता वापस पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा अपनी बाकी ज़िंदगी अपने देश में बिताने और अपने पैतृक गाँव में अंतिम संस्कार करवाने की है.
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BIG NEWS 🚨 94-year-old Andhra woman gives up US citizenship.
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) ?ref_src=twsrc%5Etfw">June 26, 2026
"Collector garu, I am nearing 95 years of age"
"My only wish is to spend my final days in my motherland India" 🥹
"I want my last rites to be performed in my native village"
"Please help me obtain Indian… pic.twitter.com/D1CiTzYE8D
कलेक्टर को बताई आखिरी इच्छा
उन्होंने कलेक्टर को बताया कि वह 95 साल की हो चुकी हैं और उनकी एकमात्र इच्छा है कि वह अपने आखिरी दिन अपनी मातृभूमि में एक भारतीय नागरिक के तौर पर बिताएं. उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव में हो और उन्होंने अनुरोध किया कि उनकी भारतीय नागरिकता जल्द से जल्द बहाल की जाए; साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले ही अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ चुकी हैं.
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उन्होंने अधिकारियों को यह भी भरोसा दिलाया कि अगर उनकी नागरिकता बहाल की जाती है, तो वह भारत के संविधान का सम्मान करेंगी और उसके सभी कानूनों का पालन करेंगी. उन्होंने कहा कि वह बस उस देश में अपने बाकी साल बिताने का कानूनी अधिकार चाहती हैं जहाँ वह पैदा हुई थीं.
राज्य सरकार को भेजा गया आवेदन!
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ज़िला कलेक्टर जे. वेंकटा मुरली ने कहा कि उनके आवेदन पर तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद, राज्य सरकार को एक रिपोर्ट भेजी जाएगी, जो फिर उनकी नागरिकता के अनुरोध पर विचार करने के लिए केंद्र को अपनी सिफारिश भेजेगी.