Advertisement

सेमीकंडक्टर से लेकर बैटरी तक, स्मार्टफोन अब होंगे सस्ते, सरकार के 4 बड़े कदम तय करेंगे कीमत

Cheapest SmartPhone: अब स्मार्टफोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और मोबाइल बैटरियों का उत्पादन भारत में बढ़ाया जाएगा. इससे इंपोर्ट कम होगा, लागत घटेगी और इसका फायदा सीधे ग्राहकों को मिलेगा.

Image Source: Social Media

Semiconductor Mission 2.0: केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट पेश किया हैं. भले ही उन्होंने सीधे स्मार्टफोन्स की कीमतों के बारे में कोई घोषणा नहीं की, लेकिन बजट में उठाए गए कई कदम यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में स्मार्टफोन्स की कीमत कम हो सकती है. इसका मुख्य कारण यह है कि अब स्मार्टफोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और मोबाइल बैटरियों का उत्पादन भारत में बढ़ाया जाएगा. इससे इंपोर्ट कम होगा, लागत घटेगी और इसका फायदा सीधे ग्राहकों को मिलेगा.

1. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर जोर दिया है. इसका मतलब है कि किसी भी स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे कंपनियों को विदेश से इंपोर्ट करने की जरूरत कम होगी, और मैन्युफैक्चरिंग की लागत घटेगी. जब उत्पादन की लागत कम होगी, तो बाद में स्मार्टफोन्स की कीमतों में भी कमी आने की संभावना बढ़ जाती है.

2. बैटरी उत्पादन में लागत में कमी

स्मार्टफोन की कीमत में सबसे बड़ा हिस्सा बैटरी का होता है.बजट में लिथियम-आयन सेल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में कटौती कर दी गई है. इसका मतलब यह हुआ कि अब बैटरियों का उत्पादन सस्ता होगा. जब बैटरियों का उत्पादन सस्ता होगा, तो स्मार्टफोन बनाने की कुल लागत पर इसका सीधा असर पड़ेगा और धीरे-धीरे फोन की कीमतों में कमी आ सकती है.

3. इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना

अभी स्मार्टफोन बनाने के लिए कई पार्ट्स को विदेश से मंगाना पड़ता है. बजट में घोषित नीतियों के मुताबिक भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई जाएगी. इसका फायदा यह होगा कि कंपनियों को इंपोर्ट पर टैक्स और ड्यूटी कम चुकानी पड़ेगी. इससे कंपनियों के लिए उत्पादन सस्ता होगा और ग्राहकों को स्मार्टफोन सस्ते दाम में मिल सकेंगे.

4. IT और टेलिकॉम सेक्टर के लिए बजट आवंटन

सरकार ने IT और टेलिकॉम सेक्टर के लिए 74,560 करोड़ रुपये का बजट रखा है. यह निवेश बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया गया है. इसके अलावा विदेशी कंपनियों को भारत में उत्पादन शुरू करने के लिए टैक्स में छूट दी जाएगी. इसका मतलब है कि कंपनियां भारत में ही स्मार्टफोन और अन्य टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स बनाने लगेंगी, जिससे मार्केट में कीमतों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है.

क्या फायदा होगा ग्राहकों को

फिलहाल यह साफ नहीं है कि स्मार्टफोन की कीमत कितनी घट सकती है. लेकिन सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में टैक्स छूट और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग की नई नीतियां यह दिखाती हैं कि सरकार स्मार्टफोन्स को सस्ता बनाने की दिशा में कदम उठा रही है. जैसे ही ये बदलाव पूरी तरह लागू होंगे, कंपनियां ग्राहकों को इसका सीधा फायदा पहुंचा सकती हैं और स्मार्टफोन धीरे-धीरे सस्ते हो सकते हैं.

Advertisement

Advertisement

अधिक →
अधिक →