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योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब PAN कार्ड लिंक किए बिना नहीं होगी जमीन और मकान की रजिस्ट्री

योगी सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्री को और सख्त करते हुए पैन कार्ड लिंक करना अनिवार्य कर दिया है. यह फैसला भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बढ़ी संदिग्ध रजिस्ट्री और वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए लिया गया है.

Yogi Adityanath (File Photo)

उत्तर प्रदेश में अब घर, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराना सुरक्षा की दृष्टि से पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सख्त हो गया है. योगी सरकार ने संपत्तियों के लेनदेन में पारदर्शिता लाने और वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश में किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड को अनिवार्य रूप से लिंक करना होगा. इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी जिला और मंडलीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं.

दरअसल, सरकार का यह कदम केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है. खासतौर पर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में हाल के महीनों में संपत्तियों की रजिस्ट्री में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. शासन की जांच में सामने आया है कि सीमावर्ती इलाकों में कई मामलों में संदिग्ध तरीके से जमीन और मकानों की खरीद-फरोख्त हो रही थी. इन सौदों में वित्तीय गड़बड़ियों और काले धन के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है.

बिना पैन नहीं बढ़ेगी प्रक्रिया

सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पैन कार्ड के बिना किसी भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. चाहे खरीदार हो या विक्रेता, सभी पक्षकारों के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा. महानिरीक्षक निबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी सहायक महानिरीक्षक और उप निबंधकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रजिस्ट्री से पहले पैन कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन किया जाए. विभाग के ऑनलाइन रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में पैन कार्ड के रियल-टाइम वेरिफिकेशन की व्यवस्था पहले ही पूरी कर ली गई है. अब ऑनलाइन आवेदन करते समय पैन कार्ड का कॉलम भरना जरूरी होगा, जिससे फर्जी पहचान या गलत जानकारी देकर रजिस्ट्री कराने की संभावना खत्म हो जाएगी.

आधार के बाद अब पैन का कड़ा पहरा

उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही रजिस्ट्री प्रक्रिया में आधार कार्ड को अनिवार्य कर चुकी है. अब पैन कार्ड को जोड़ने से सरकार की निगरानी और मजबूत हो गई है. विभागीय मंत्री रवींद्र जायसवाल का कहना है कि संपत्तियों के लेनदेन में पारदर्शिता लाने के लिए सभी जरूरी डिजिटल साक्ष्य जरूरी हैं. पैन कार्ड के जरिए आय के स्रोतों की जांच आसान होगी और बेनामी संपत्तियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी.

बताते चलें कि इस नए नियम के लागू होने से उन लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी, जो अवैध तरीके से या पहचान छिपाकर प्रॉपर्टी में निवेश करते थे. सरकार का साफ संदेश है कि अब उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर पारदर्शी, सुरक्षित और नियमों के दायरे में ही चलेगा.

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