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कौन है बांग्लादेशी रमजान गाजी, जो बांग्लादेश से भारत में घुसा और खड़ी कर दी करोड़ों की संपत्ति; TMC से खास कनेक्शन की चर्चा
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में अवैध घुसपैठ से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आए रमजान गाजी और उसकी पत्नी सादिना बेगम को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले जो खुलासे हुए है उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका कर रख दिया है.
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पश्चिम बंगाल में हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद राज्य में अवैध घुसपैठ और उससे जुड़े मामलों को लेकर कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. इसी बीच हावड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है. जानकारी के अनुसार, रमजान गाजी नाम का एक व्यक्ति, जो कभी सड़क किनारे डाब (पानी वाला नारियल) और ताड़फल बेचकर अपना गुजारा करता था, आज करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक बताया जा रहा है. उसकी और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जिनसे उसकी आर्थिक तरक्की को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
14 साल पहले अवैध रूप से भारत आया रमजान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए रमजान गाजी और उसकी पत्नी सादिना बेगम मूल रूप से बांग्लादेश के सातखिरा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जांच में सामने आया है कि यह दंपति करीब 14 साल पहले दलालों की मदद से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था. शुरुआती दिनों में दोनों ने सड़क किनारे छोटे-मोटे कारोबार के जरिए अपना गुजारा शुरू किया था. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया है.बताया जा रहा है कि रमजान गाजी ने धीरे-धीरे स्थानीय प्रमोटरों से संपर्क बढ़ाया और पुराने मकानों को तोड़ने के ठेके लेने शुरू कर दिए. इसके बाद उसने निर्माण और जमीन कारोबार में भी कदम रख दिया.
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मलबे के कारोबार से खड़ी की बड़ी संपत्ति
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मलबा ढोने और सप्लाई करने के लिए उसने खुद का ट्रक खरीद लिया. यही नहीं, जमीनों की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों से जुड़कर उसने अच्छी-खासी संपत्ति भी खड़ी कर ली. कुछ ही वर्षों में उसने अपना दोमंजिला पक्का मकान बना लिया, जिसे देखकर आसपास के लोग भी हैरान रह गए. सूत्रों से मुताबिक़ इस शख़्स का टीएमसी से भी कनेक्शन हो सकता है. फ़िलहाल पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है.
सीमापार फंडिंग और कनेक्शन की जांच
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अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी तेज रफ्तार से बढ़ी इस संपत्ति का असली स्रोत क्या था. हावड़ा सिटी पुलिस इसी पहलू की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों को शक है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सिर्फ स्थानीय कारोबार नहीं, बल्कि सीमापार कनेक्शन भी हो सकता है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस गतिविधि को बांग्लादेश से आर्थिक मदद तो नहीं मिल रही थी.
नेताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है. पुलिस की नजर अब उन प्रभावशाली लोगों पर भी है, जिनके संरक्षण में कथित रूप से यह नेटवर्क वर्षों तक सक्रिय रहा. जांच में कुछ स्थानीय नेताओं की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. बताया जा रहा है कि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह कार्रवाई संभव हो सकी.
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बहरहाल, पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. आने वाले दिनों में जांच से और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं. यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है, जहां पहचान छिपाकर आए लोग देखते ही देखते बड़ा आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने में सफल हो जाते हैं.