Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

पिछली सरकारें जो दशकों में न कर सकीं, वह भगवंत मान सरकार ने सिर्फ साढ़े चार सालों में कर दिखाया: हरजोत सिंह बैंस

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पहुँच के बारे में शिक्षा मंत्री ने बताया, "पंजाब ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की है, जिससे सैकड़ों स्कूलों के 15,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिदिन लाभ मिल रहा है."

Image Credit: NMF Input
Loading Ad...

स्कूल शिक्षा का साढ़े चार सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने 2,300 करोड़ रुपये के निवेश के जरिए पंजाब के शिक्षा ढाँचे की तस्वीर बदल दी है, जिससे पंजाब नीति आयोग वर्ष 2026-27 की रिपोर्ट में केरल को पीछे छोड़कर स्कूली शिक्षा में अग्रणी बना है.

पंजाब के शिक्षा मंत्री ने पेश किया साढ़े चार सालों का रिपोर्ट कार्ड 

आज यहाँ पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि 2022 से अब तक 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से हटकर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं, जो सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने इस बदलाव का श्रेय मार्च 2022 में ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों की मजबूती और सुधार की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों को दिया.

Loading Ad...

‘आप’ के चुनावी वादे के बारे में बात करते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हर गाँव और शहर जाकर पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने का एक मौका माँगा था, जिसके प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के लोगों ने ‘आप’ को 92 सीटें देकर अपनी अग्रणी सोच का सबूत दिया. लोगों के इसी विश्वास पर खरा उतरने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं."

Loading Ad...

शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस ने साधा निशाना 

शिक्षा मंत्री ने उल्लेख किया, "वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के समय हमें पिछली सरकारों द्वारा जर्जर हालत शिक्षा प्रणाली विरासत में मिली थी, जब अधिकतर स्कूलों की तो चारदीवारियाँ भी नहीं थीं. 5,000 से अधिक स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय नहीं थे. 4 लाख बच्चे फर्श पर बैठने को मजबूर थे. 500 स्कूलों में पीने का पानी नहीं था और विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें 5 महीने देरी से मिलती थीं. यह पिछली सरकारों के समय पंजाब की शिक्षा की वास्तविक तस्वीर थी."

Loading Ad...

बुनियादी ढाँचे में आए बड़े बदलाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "भगवंत मान सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में स्कूली बुनियादी ढाँचे में 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो प्रति स्कूल औसतन 15 लाख रुपये बनता है. इन सुधारों के परिणामस्वरूप 13,920 नए शौचालय बनाए गए हैं और अब राज्य के हर स्कूल में उपयोग योग्य शौचालय हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी बच्चे को फर्श पर न बैठना पड़े, स्कूलों में 2 लाख बेंच मुहैया करवाए गए हैं."

उन्होंने आगे कहा, "9,000 से अधिक नए क्लासरूम और लैब बनाए गए हैं, जबकि क्लासरूम में 10,000 से अधिक इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं. इसके अलावा 5,012 स्कूलों को एडवांस्ड कंप्यूटर लैब से अपग्रेड किया गया है. पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों को अब वाई-फाई से लैस कर दिया गया है और 99.9 फीसद स्कूलों की चारदीवारियाँ बनी हुई हैं."

बुनियादी ढाँचे के विकास की रफ्तार का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "अगर इस बारे में सोचा जाए कि आप सरकार द्वारा 9,000 नए क्लासरूम बनाए गए हैं और इसे दिनों के हिसाब से बाँटकर देखें तो खुद सोचिए हर दिन कितने क्लासरूम बने हैं."

Loading Ad...

‘सरकारी स्कूल में अब ऐसी खेल सुविधाएँ मिल रही हैं जो पहले सिर्फ निजी संस्थानों में थीं’

सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के पैमाने के बारे में बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, "सरकारी स्कूल में अब ऐसी खेल सुविधाएँ मिल रही हैं जो पहले सिर्फ निजी संस्थानों में थीं, जिनमें स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट, कबड्डी मैट, कुश्ती और बॉक्सिंग रिंग शामिल हैं."

उन्होंने कहा, "भगवंत मान सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण कौशल को निखारने के लिए विशेष पहल की, जिसके चलते अलग-अलग बैचों में प्रिंसिपलों को सिंगापुर, प्राइमरी शिक्षकों को फिनलैंड और मुख्य अध्यापकों को आई.आई.एम. अहमदाबाद प्रशिक्षण के लिए भेजा गया."

Loading Ad...

स्कूलों में सुरक्षा और रख-रखाव के बारे में बोलते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया, "सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पूर्व सैनिकों को कैंपस मैनेजर के रूप में तैनात किया गया है. इसके अलावा 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दो सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्कूलों को 3,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का मासिक सफाई फ़ंड दिया जा रहा है."

शैक्षणिक परिणामों में सुधार के बारे में बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, "पिछले चार सालों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. और 2,166 ने नीट परीक्षा पास की है. सरकारी स्कूलों में से नीट-UG पास करने वालों की संख्या 2021 में मात्र 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई है, जो 10 गुना से भी अधिक है. साल दर साल बढ़त के अनुसार वर्ष 2024 में 437, 2025 में 847 और इस साल 882 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की. 361 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन्ज़ जबकि 64 ने जे. ई. ई. एडवांस्ड परीक्षा पास की."

उन्होंने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2022 से अब तक 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से हटकर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं, जो सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ते जनता के भरोसे को साबित करता है."

Loading Ad...

‘नीति आयोग की रिपोर्ट 2026-27 में सबसे आगे’

सीखने के परिणामों में पंजाब की कारगुजारी के बारे में बात करते हुए कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "क्लासरूम लर्निंग के परिणामों में पंजाब राज्य, नीति आयोग की रिपोर्ट 2026-27 में सबसे आगे रहा है, जिसने स्कूल शिक्षा में स्वर्णिम मानक माने जाने वाले केरल को भी पीछे छोड़ दिया है."

शिक्षा प्रणाली में नवाचार के बारे में बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा, "पंजाब पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है. बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम ने 2.30 लाख विद्यार्थियों को व्यवसाय करने का वास्तविक अनुभव दिया, जिसके तहत सरकार ने सीड मनी के रूप में 29 करोड़ रुपये मुहैया करवाए और विद्यार्थियों ने 3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया."

Loading Ad...

उन्होंने आगे कहा कि भगवंत मान सरकार ने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस शिक्षा प्रणाली में लाने के उद्देश्य से 40 विशेष स्किल एजुकेशन स्कूल भी खोले हैं.

विद्यार्थियों के माता-पिता पर वित्तीय बोझ कम करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "देश में शिक्षा का खर्च एक गंभीर मुद्दा है, जिसे ध्यान में रखते हुए हमने पंजाब में माता-पिता को राहत देने का प्रयास किया है, जिसके तहत सरकार ने स्कूलों के वार्षिक फीस वृद्धि को अधिकतम 5 फीसदी तक सीमित कर दिया है."

‘पंजाब ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू’

Loading Ad...

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पहुँच के बारे में शिक्षा मंत्री ने बताया, "पंजाब ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की है, जिससे सैकड़ों स्कूलों के 15,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिदिन लाभ मिल रहा है."

उन्होंने यह भी कहा, "2023 और 2025 में आई दो भीषण बाढ़ों के बावजूद, जिन्होंने अमृतसर, गुरदासपुर, रोपड़, फिरोजपुर और फाजिल्का में 7,000 से अधिक स्कूलों को नुकसान पहुँचाया था, सरकार शिक्षा प्रणाली की तस्वीर बदलने के प्रति प्रतिबद्ध रही. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विश्व बैंक के सहयोग से बुरी तरह क्षतिग्रस्त 500 स्कूलों की मरम्मत की जा रही है, जिनमें से अधिकतर का काम छह महीनों में पूरा होने की उम्मीद है."

यह भी पढ़ें

पंजाब की स्कूली शिक्षा प्रणाली को और आगे ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "यह शिक्षा के प्रति मेरा जुनून और जज्बा है कि मैंने अब तक निजी तौर पर 2,000 से अधिक स्कूलों का दौरा किया है, जिसके तहत मैं हर जिले में गया. पंजाब में 20,000 स्कूल हैं और मैं एक मिशन पर हूँ. उन्होंने कहा कि दो सालों में पंजाब वह पहला राज्य बनेगा जो गर्व से कहेगा कि हमारे स्कूलों में किसी चीज़ की कमी नहीं है. शिक्षा हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है."

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...