Advertisement
वरुण गांधी की परिवार सहित PM मोदी से मुलाकात, क्या BJP अब बंगाल में खेलने वाली है बड़ा दांव?
Varun Gandhi Meets PM Modi: वरुण गांधी की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात बंगाल चुनाव से पहले BJP की एक सोची-समझी रणनीतिक या संगठन में उनकी नई भूमिका का संकेत हो सकती है.
Advertisement
भाजपा नेता वरुण गांधी ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात को उन्होंने बेहद खास बताते हुए कहा कि यह उनके लिए 'सौभाग्य' की बात है और इससे उनका यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि प्रधानमंत्री देश और जनता के सच्चे 'संरक्षक' हैं.
वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए क्या कहा?
मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा कीं. उन्होंने लिखा, "मुझे अपने परिवार के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उनका आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला”. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और नेतृत्व की भी सराहना की. वरुण गांधी ने कहा, "आपके आभामंडल में पिता समान स्नेह और संरक्षण का भाव है. आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं”.
Advertisement
पीलीभीत से तीन बार सांसद रह चुके हैं वरुण गांधी
Advertisement
वरुण गांधी देश के चर्चित नेहरू-गांधी परिवार से संबंध रखते हैं. वह मेनका गांधी और दिवंगत संजय गांधी के बेटे हैं. संजय गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे. राजनीतिक सफर की बात करें तो वरुण गांधी भारतीय जनता पार्टी में एक मजबूत पहचान बना चुके हैं. वह उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं और पार्टी के भीतर लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
संजय गांधी की मृत्यु के बाद गांधी परिवार से अलग हुईं थी मेनका गांधी
Advertisement
उनकी मां मेनका गांधी ने संजय गांधी की 1980 में विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के अन्य सदस्यों से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी का रुख किया था. बाद में वर्ष 2004 में उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा जॉइन की और अपने बेटे वरुण गांधी के साथ पार्टी में अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाया.
साल 2012 में भाजपा में महासचिव नियुक्त हुए थे वरुण गांधी
उस समय वरुण गांधी ने भी भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले को देशहित में बताया था. उन्होंने कहा था कि मैं मानता हूं कि भाजपा को मजबूत करना और उसमें शामिल होना देश के हित में है, इसलिए मैंने यह फैसला लिया. इसके बाद वरुण गांधी ने पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई और साल 2012 में उन्हें भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया.
Advertisement
वरुण गांधी को बंगाल चुनाव में BJP देगी बड़ी जिम्मेदारी?
पिछले कुछ सालों से बीजेपी और वरुण गांधी के बीच जारी अंदरूनी मनमुटाव के बाद, अब पीएम मोदी से उनकी मुलाकात कई तरह के राजनीतिक संदेश देती है. राजनीतिक पंडितों का यह मानना है कि बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी वरुण गांधी को कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं, क्योंकि उनका बंगाल से गहरा संबंध भी है.
यह भी पढ़ें
दरअसल, वरुण गांधी की पत्नी, यामिनी रॉय चौधरी, एक बंगाली परिवार से आती हैं और गांधी परिवार का बंगाल से पुराना जुड़ाव रहा है. ऐसे में यही उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी वरुण गांधी को किसी महत्वपूर्ण भूमिका में उतार सकती है.