Advertisement
UPITS 2026: डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा ग्लोबल बाजार, निवेशकों और खरीदारों से सीधे जुड़ेंगे उत्तर प्रदेश के उद्यमी
मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा. यूपीआईटीएस 2026 में मछली पालन, इससे जुड़े उत्पादन, फीड, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा.
Advertisement
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के डेयरी व मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियों, संभावनाओं और उद्यमिता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी. 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में मत्स्य एवं डेयरी को प्रमुख फोकस सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की विविध क्षमताओं को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारियों के सामने प्रस्तुत करना है.
बड़े बाजार से जुड़ेंगे डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स
डेयरी और मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जुड़े हैं. ट्रेड शो में इन क्षेत्रों से संबंधित सरकारी योजनाओं, उत्पादों, सेवाओं, तकनीकों और उद्यमिता के अवसरों को व्यापक मंच मिलेगा. इससे किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों व उद्यमियों को अपने कार्य और उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा.
Advertisement
प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन में विकसित होंगे उद्यमिता के अवसर
Advertisement
मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा. यूपीआईटीएस 2026 में मछली पालन, इससे जुड़े उत्पादन, फीड, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा. इससे मत्स्य पालकों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है.
इसी तरह पशुधन, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े व्यवसायों की पूरी श्रृंखला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है. ट्रेड शो के माध्यम से इन गतिविधियों में उपलब्ध संभावनाओं और कारोबार के अवसरों को भी व्यापक बाजार के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा.
Advertisement
एक मंच पर प्रदर्शित होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की विविधता
यूपीआईटीएस में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बी2बी खरीदारों, घरेलू बी2सी ग्राहकों के माध्यम से मत्स्य व डेयरी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं को नए खरीदारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी. डेयरी और मत्स्य विभाग की सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के साथ निजी क्षेत्र, उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों और खरीदारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. मत्स्य और पशुपालन जैसे कृषि-संबद्ध क्षेत्रों की भागीदारी से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत और विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. इससे उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन में नए कारोबारी संपर्क विकसित होने की संभावनाएं बनेंगी.
यूपीआईटीएस में मत्स्य विभाग की ओर से इन्हें मिलेगा मंच
Advertisement
👉पीवीआर एक्वा - गाजियाबाद
👉 ग्रोवेल फीड - लखनऊ
👉 देवी फीड्स - बाराबंकी
👉 फिश व्हाइट - वाराणसी
👉 मणि एग्रो हब - मुरादाबाद
👉 एबिस ग्रुप - अयोध्या
👉 दयाल ग्रुप - लखनऊ
👉 एडवांस फिश फार्म - मेरठ
डेयरी क्षेत्र की देश-प्रदेश की 14 कंपनियों की रहेगी मौजूदगी
👉 नमस्ते इंडिया
👉 गंगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड
👉 भारत एसकेवाईआर एंड दूध प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
👉 सिंहानिया मिल्क प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (मलाई धारा)
👉 वीआरएस फूड्स लिमिटेड
👉 क्रीमी फूड्स लिमिटेड
👉 सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (ज्ञान डेयरी)
👉 भोले बाबा मिल्क
👉 अमूल (गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड)
👉 न्यू एरा डेयरी इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
👉 ज्यूड्स मिल्क
👉 अल्फा मिल्क फूड
👉 श्याम डेयरी
👉 पराग डेयरी
Advertisement
यह भी पढ़ें
वर्जन
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में डेयरी व मत्स्य विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. अतिथि व आगंतुक दुग्ध-मत्स्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे. आयोजन में दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्टेक होल्डर्स, कंपनियों आदि की भी सहभागिता रहेगी. दोनों विभागों की तैयारी पूरी हो गई है.
धनलक्ष्मी के.
दुग्ध आयुक्त/महानिदेशक, मत्स्य
उत्तर प्रदेश