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UP: राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन सात से, 15 साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक कर सकेंगे आवेदन
UP: पुरस्कार के लिए केवल नियमित रूप से कार्यरत शिक्षक-शिक्षिका ही पात्र होंगे. आवेदन के लिए न्यूनतम 15 साल की नियमित सेवा और सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच साल की अवधि शेष होनी चाहिए.
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UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. प्रदेश के पात्र शिक्षक एवं शिक्षिकाएं 7 जून से 30 जून 2026 तक प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
प्रेरणा पोर्टल से पूरी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया
शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी. पात्र शिक्षक प्रेरणा पोर्टल पर निर्धारित अवधि के भीतर अपना आवेदन कर सकेंगे. किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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ऐसे शिक्षक होंगे पात्र
राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए केवल नियमित रूप से कार्यरत ऐसे शिक्षक एवं शिक्षिकाएं पात्र होंगे, जिन्होंने न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो तथा जिनकी सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष का समय शेष हो. संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, सेवानिवृत्त शिक्षक तथा पूर्व में राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे.
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गुणवत्ता आधारित होगी चयन प्रक्रिया
योगी सरकार ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह गुणवत्ता आधारित और पारदर्शी बनाया है. शिक्षकों का मूल्यांकन 100 अंकों की निर्धारित प्रणाली के आधार पर किया जाएगा. इसमें शैक्षणिक उपलब्धियां, विद्यालय विकास में योगदान, छात्र नामांकन वृद्धि, नवाचार आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों का उपयोग, छात्र अधिगम स्तर में सुधार, प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार जैसे महत्वपूर्ण मानकों को शामिल किया गया है. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान प्राप्त हो.
दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया
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01 जुलाई से 20 जुलाई तक जनपद चयन समितियां प्राप्त आवेदनों का परीक्षण, सत्यापन और मूल्यांकन करेंगी तथा प्रत्येक जनपद से तीन श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन करेंगी. इसके बाद राज्य चयन समिति 01 अगस्त से 14 अगस्त के बीच पुनर्मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार के आधार पर प्रत्येक जनपद से एक उत्कृष्ट शिक्षक का अंतिम चयन करेगी.