Advertisement

Loading Ad...

सीकर में मासूमों की दर्दनाक मौत, खेलते-खेलते मिट्टी में समा गए तीन बच्चे

सीकर के नेछवा थाना इलाके में गनेड़ी गांव में खेत में खेलने के लिए बनाई गई मिट्टी की सुरंग ढहने से तीन मासूमों की मौत हो गई. इनके चौथे साथी की जान जाते-जाते बची.

Image Credits: IANS
Loading Ad...

सीकर के नेछवा थाना इलाके में गनेड़ी गांव में खेत में खेलने के लिए बनाई गई मिट्टी की सुरंग ढहने से तीन मासूमों की मौत हो गई. इनके चौथे साथी की जान जाते-जाते बची, जिसके चिल्लाने पर ही लोगों को इस बारे में पता चला.  फिलहाल, तीनों मृतक बच्चों के शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है.  

खेल-खेल में तीन बच्चों की मौत

घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गनेड़ी गांव की है. यहां 3 से 4 फीट ऊंचे मिट्टी के टीले के नीचे गांव के बच्चों ने खेलने के लिए सुरंग बनाई थी. जिससे वह एक तरफ से दूसरी तरफ जाते थे. सोमवार सुबह गांव का रहने वाला होलाश मेघवाल (10) पुत्र नानूराम मेघवाल, गौतम सैनी (14) पुत्र रतनलाल सैनी और दीपेश नायक (12) पुत्र भंवरलाल नायक और कृष्णा सुरंग के पास गए.

Loading Ad...

सीकर में सुरंग ढहने से 3 बच्चों की मौत

Loading Ad...

कृष्णा सुरंग के थोड़ा सा बाहर था. अन्य तीनों दोस्त अंदर चले गए. इसी दौरान अचानक मिट्टी ढह गई और होलाश, गौतम और दीपेश उसके नीचे दब गए. कृष्णा के भी पैर मिट्टी में दबे थे, लेकिन उसने मिट्टी में दबे अपने दोस्तों को निकालने की कोशिश की. लेकिन, बात नहीं बनी तो चिल्लाने लगा.

उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग वहां पहुंच गए. साथ ही नेछवा पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची. जब मिट्टी हटाकर तीनों को निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने तीनों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बच्चे होलाश के पिता नानूराम की करीब 1 साल पहले मौत हो चुकी है, और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं है. दीपेश के पिता ने भी करीब डेढ़ से 2 साल पहले फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था. दीपेश और होलाश सरकारी स्कूल में पढ़ते थे. मामले में नेछवा थाना एसएचओ कैलाश चंद का कहना है कि खेलने के दौरान यह हादसा हुआ. तीनों के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिए गए हैं.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...