दिल्ली के चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत गिरी, 2 लोगों की मौत, कई घायल, जोरदार धमाके से सहमे लोग
दिल्ली में एक बार फिर इमारत जमींदोज हो गई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हुई हैं.
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दिल्ली के चावड़ी बाजार में गुरुवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिर गई. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है और एक घायल हालत में शख्स निकाला गया है, कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है.
बचाव कार्य में लगे अधिकारियों के अनुसार, चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास 'गली सितारा' में इमारत गिरने की सूचना सुबह 9:50 बजे मिली. इसके तुरंत बाद दमकल विभाग की छह गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं. फिलहाल बचाव कार्य जारी है.
LIVE: Several Feared Dead As Three-Storey Building Collapses In Delhi's Chawri Bazaar https://t.co/zhR7kKk1FW
— ANI (@ANI) November 5, 2026
धमाके की आवाज से सहमे लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 9:30 बजे पता चला कि हमारे घर के बगल वाली इमारत गिर गई है. मलबे के नीचे कई लोग दबे हुए थे. वहां तीन मजदूर काम कर रहे थे और वे भी मलबे में फंस गए. नई इमारत का निर्माण कुछ महीने पहले ही शुरू हुआ था.
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स्थानीय महिला ने बताया, ‘बहुत तेज और जोरदार धमाके जैसी आवाज आई, हम डर गए और तुरंत घर के सभी लोगों से बाहर आने को कहा. जब हम बाहर निकले तो हमने पुलिसकर्मियों को देखा और चारों तरफ काफी मलबा बिखरा हुआ था. पूरी सड़क बंद थी.’
सवालों में फिर प्रशासन
पूर्व मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने हादसे को लेकर सरकार और नगर निगम को घेरा है. सौरभ ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘चावड़ी बाजार-चांदनी चौक में एक और 3 मंजिला इमारत ढह गई, मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है. रेखा गुप्ता की सरकार और एमसीडी ने दिल्ली की सभी इमारतों का कई बार सेफ्टी ऑडिट कराया, फिर भी इमारतें ढह रही हैं, क्यों?'
उन्होंने कहा, ‘बार-बार सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय कई विभागों ने बार-बार रिश्वत ली. यही वजह है कि हर महीने इमारतें ढह रही हैं. पहले सिर्फ दिल्ली पुलिस और एमसीडी रिश्वत लेते थे, लेकिन रेखा गुप्ता की सरकार आने के बाद फायर डिपार्टमेंट और एसडीएम (जो उनके अधीन रेवेन्यू डिपार्टमेंट में आते हैं) ने भी इमारतों से रिश्वत लेना शुरू कर दिया.’
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इससे पहले दिल्ली के सत्य निकेतन और सीमापुरी में इमारत गिर गई थी. दोनों हादसों में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.