UP के एडेड स्कूलों के शिक्षकों-कर्मचारियों को अब मिलेगा जल्द बकाया भुगतान, CM योगी ने लिया अहम फैसला
Aided Schools in UP: सरकार की यह नई व्यवस्था एडेड स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है और इससे लंबे समय से अटके भुगतान के मामलों में तेजी आने की उम्मीद है.
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Aided Schools Pending Payments: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अब एक बड़ी राहत की खबर है. लंबे समय से जिनका वेतन, एरियर या अन्य बकाया भुगतान अटका हुआ था, वह अब जल्दी और आसानी से मिल सकेगा. सरकार ने भुगतान की पूरी प्रक्रिया को सरल बना दिया है, जिससे कर्मचारियों को अपने हक के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
अब शासन तक नहीं जाएगी हर फाइल
अब तक बकाया भुगतान से जुड़ी फाइलें जिला और मंडल स्तर से होते हुए शासन तक भेजी जाती थीं. इस जटिल प्रक्रिया के कारण भुगतान में महीनों, बल्कि कई बार सालों तक की देरी हो जाती थी. सरकार की समीक्षा में यह बात सामने आई कि इसी वजह से कई मामलों में न्यायालय के आदेश भी समय पर लागू नहीं हो पा रहे थे. इससे शासन को अवमानना जैसे मामलों का सामना करना पड़ रहा था. इन समस्याओं को देखते हुए शासन ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है.
धनराशि के अनुसार तय हुआ अधिकारी का अधिकार
नई व्यवस्था के तहत अब बकाया भुगतान और उसकी स्वीकृति का अधिकार अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को दे दिया गया है. इससे फाइलें सीधे वहीं निपट जाएंगी और अनावश्यक देरी नहीं होगी. अब दो लाख रुपये तक के बकाया भुगतान या अनुमन्यता का आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस स्तर से ही जारी कर दिया जाएगा.
मंडल और निदेशालय स्तर पर भी तय हुई सीमा
अगर बकाया राशि दो लाख से चार लाख रुपये तक है, तो ऐसे मामलों का निस्तारण मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक करेंगे. चार लाख से आठ लाख रुपये तक के भुगतान या अनुमन्यता के लिए अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), प्रयागराज को अधिकार दिया गया है. वहीं, आठ लाख रुपये से अधिक की धनराशि वाले मामलों में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), प्रयागराज की मंजूरी के बाद शिक्षा निदेशालय स्तर से आदेश जारी किए जाएंगे.
सभी अधिकारियों को नई व्यवस्था की जानकारी देने के निर्देश
शिक्षा निदेशक को साफ निर्देश दिए गए हैं कि इस नई व्यवस्था की जानकारी मंडल और जिला स्तर के सभी अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि कहीं भी भ्रम की स्थिति न बने और भुगतान की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके. इसका मकसद यही है कि शिक्षकों और कर्मचारियों को उनका बकाया समय पर मिल सके.
शिक्षक संघ ने फैसले का किया स्वागत
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह पटेल और प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि यह निर्णय बहुत सकारात्मक है. साथ ही उन्होंने मांग की है कि जिन अधिकारियों को भुगतान की स्वीकृति देने का अधिकार मिला है, उन्हें धन आवंटन का अधिकार भी दिया जाए. इससे बकाया भुगतान की प्रक्रिया और तेज होगी और शिक्षकों-कर्मचारियों को वास्तव में समय पर उनका हक मिल सकेगा.
सरकार की यह नई व्यवस्था एडेड स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है और इससे लंबे समय से अटके भुगतान के मामलों में तेजी आने की उम्मीद है.
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