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CM योगी का सपा और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार, कहा- शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश की चीनी मिलें संकट से जूझ रही थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें पुनर्जीवित किया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं. गन्ना किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा है और भुगतान व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है.

Image Credit: YT/@YogiAdityanath
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था. उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे. विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे. बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे. इनसे लगातार सतर्क रहना है.

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की.

कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान
सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था. शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था. कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी. 

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10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली
सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है. शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी. कोई सुरक्षित नहीं था. शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी. अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है. पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है.

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली
मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है. यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा. शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है. 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं. लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे. 

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2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 
सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था. 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं. 21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं. 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे. आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है. अब गन्ना किसानों को 400 रुपये कुंतल दाम मिल रहा है. यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है. यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है.

शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 
सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता. हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया. हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया. शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है. पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था. यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया. वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी. 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता
सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी. कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है. सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता. शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है. मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं.

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार
सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है. एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है. हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है. हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है. 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 
सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं. राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है. अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए. विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे. किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है. अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी. पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी.

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 
सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं. वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं. हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं. जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा. इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी. एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे. शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा. आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी. 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 
सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है. प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा. आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं. शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है. जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है.

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पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे. वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे. उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी. यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है. यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है. चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है. 
 
इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे.

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