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मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल अग्निकांड: सवालों से बचते दिखे स्वास्थ्य मंत्री, मौके से भागा अस्पताल स्टाफ, जवाबदेही किसकी?

आरोप है कि आग लगने के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से नदारद हो गया था. मरीजों को परिजन बाहर निकलते दिखे. उधर एयरपोर्ट पर जब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से हादसे पर सवाल पूछे गए तो उन्होंने कन्नी काट ली.

Source- IANS/Video Grab
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हॉस्पिटल जहां मरीज अपना इलाज करवाने जाता है. डॉक्टर जिसे भगवान का रूप कहा जाता है, अस्पताल कर्मी, जो अपनी सेवा से बेड पर लेटे बीमार में जिंदगी जीने की उम्मीद जगाता है, लेकिन क्या हो जब उसी हॉस्पिटल में एक लापरवाही उस उम्मीद पर भारी पड़ जाए. बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल में हुए अग्निकांड ने पांच मरीजों की जान ले ली. इस घटना के बाद एक सवाल उठ रहा है कि आखिर जवाबदेही किसकी? 

अग्निकांड के बीच जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से सवाल किए गए तो उन्होंने चुप्पी साध ली. सीधे-सीधे सवालों से बचते दिखे. निशांत कुमार गुरुवार सुबह पटना से दिल्ली रवाना हो गए. हालांकि, उन्होंने मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग की घटना पर कोई जवाब नहीं दिया. 

मुजफ्फरपुर अग्निकांड पर निशांत कुमार की चुप्पी

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स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार गुरुवार सुबह पटना एयरपोर्ट पर जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ पहुंचे. जब पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुजफ्फरपुर की घटना पर सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. संजय झा भी मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना निकल गए. 

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निशांत कुमार की चुप्पी पर विपक्ष ने उठाए सवाल

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इसके बाद, विपक्षी दलों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चुप्पी पर प्रश्न उठाए हैं. कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, ‘स्वास्थ्य मंत्री इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.’ उन्होंने कहा कि कहीं आग लग रही है और कहीं चोरी डकैती हो रही है, इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. 

कैसे और कब लगी मुजफ्फरपुर के हॉस्पिटल में आग? 

जानकारी के मुताबिक, बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में बुधवार रात आग लग गई. इसमें झुलसने से 5 लोगों की मौत हो गई. जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हैं. हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. सबसे पहले आग के कारण ICU में लगा AC ब्लास्ट हो गया, इसके चलते आग पूरे वार्ड में फैल गई. आग हॉस्पिटल की पांचवे फ्लोर पर लगी जिससे मुश्किलें और बढ़ गईं. 

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सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड अस्पताल पहुंची और आग पर काबू पाया. लोगों ने मौके से स्टाफ के गायब होने का आरोप लगाया. परिजन अपने मरीजों को खुद स्ट्रैचर से बाहर ले जाते दिखे. कुछ लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई. इतना बड़ा हॉस्पिटल और आग जैसी घटनाओं के लिए तैयार नहीं, आखिर क्यों बार-बार ऐसे हादसों के बाद भी प्रशासन का ढुलमुल रवैया जारी रहता है. स्वास्थ्य मंत्री सवालों से कन्नी काट लेटे हैं, अस्पताल मैनेजमेंट की कोई जवाबदेही नहीं तय की जाती, प्रशासन की जांच पड़ताल और सुरक्षा मानकों की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं. 

अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान

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चार मृतकों की पहचान की गई है जिसमें कृष्णनंदन प्रसाद सिंह (76), गीता देवी (62), शशांक कुमार (30) और उदय कुमार (57) शामिल हैं. आग लगने के बाद मौके पर भगदड़ जैसे हालात हो गए थे. इस घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया है. इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की. 

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