Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

पत्नी और 2 पुजारियों की हत्या, बच्चों को बनाया बंधक... आजमगढ़ में 8 घंटे बाद योगी की पुलिस ने ऐसे खत्म किया खूनी खेल; जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बच्चों को बंधक बनाने वाले अरविंद सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. घटना में एक बच्चे समेत कुल पांच लोगों की जान गई.

Image Source: Screengrab
Loading Ad...

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार की शाम एक घर के अंदर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते ऐसी खौफनाक घटना में बदल गया, जिसने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया. अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह पर अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. इसके बाद वह अपने ही बच्चों को लेकर एक कमरे में बंद हो गया. बाहर पुलिस उसे समझाकर सरेंडर कराने की कोशिश करती रही और अंदर बच्चों की जान खतरे में थी.

करीब आठ घंटे तक चले इस तनावपूर्ण घटनाक्रम का अंत देर रात सूबे के मुखिया योगी आदित्यानाथ की पुलिस की कार्रवाई के साथ हुआ. पुलिस के मुताबिक, कमरे के अंदर से गोली चलने के बाद टीम ने तत्काल हस्तक्षेप किया. जवाबी फायरिंग में अरविंद घायल हो गया. उसे और गोली लगने से घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई. इस पूरी घटना में पांच लोगों की जान चली गई.

घर की पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद 

Loading Ad...

घटना की शुरुआत मंगलवार शाम की बताई जा रही है. शंभूपुर गांव स्थित अरविंद के घर में पूजा का आयोजन चल रहा था. घर में उसकी पत्नी बबीता, बच्चे और पूजा कराने आए पुजारी मौजूद थे. पुलिस के अनुसार, अरविंद जब बाजार से घर लौटा तो उसने पूजा के बारे में जानकारी ली. इसी दौरान उसने वहां मौजूद पुजारियों से आधार कार्ड दिखाने को कहा. इसी बात को लेकर उसकी पत्नी से कहासुनी हो गई. कुछ ही देर में माहौल इतना बिगड़ गया कि अरविंद ने घर में मौजूद लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली. आरोप है कि उसने फायरिंग कर दी. गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता और दो पुजारी महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई. एक सामान्य शाम अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल चुकी थी. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया.

Loading Ad...

हत्या के बाद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हुआ

Loading Ad...

पत्नी और दोनों पुजारियों की मौत के बाद मामला यहीं नहीं रुका. पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया. बाहर पुलिस मौजूद थी, जबकि अंदर उसके बच्चे थे. पुलिस ने उसे बाहर आने और बच्चों को सुरक्षित छोड़ने के लिए कहा. अधिकारियों के साथ-साथ परिवार और आसपास मौजूद लोगों ने भी उसे समझाने की कोशिश की. लेकिन आरोपी बाहर आने के लिए तैयार नहीं था. पुलिस के मुताबिक, वह बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था. ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी.

यह भी पढ़े: राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे CM योगी, 8 करोड़ रुपये की लागत से 100 महिलाओं की क्षमता का बना है शेल्टर

कमरे से आई गोली की आवाज और बदल गया पूरा ऑपरेशन

Loading Ad...

काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद भी जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो पुलिस की चिंता बढ़ती गई. इसी दौरान कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी थी. इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देर किए कमरे में प्रवेश करने की कोशिश की. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम पर भी फायरिंग की. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद घायल हो गया. घायल बच्चे को भी तत्काल अस्पताल भेजा गया. इलाज के दौरान अरविंद और उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया. वहीं, कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत

घटना के बाद मौके पर पुलिस बल के साथ एसओजी और फॉरेंसिक टीम भी पहुंची. टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी और जरूरी साक्ष्य जुटाए. पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में लगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और कुछ ही समय में हालात इतने भयावह कैसे हो गए. आजमगढ़ के SSP डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक, पुलिस की कोशिश बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी. लेकिन कमरे के अंदर गोली चलने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए और तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी.

Loading Ad...

यह भी पढ़े: कक्षा से निकल करियर और कारोबार के गुर सीखेंगे बच्चे, UPITS में गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र भी निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारी

एक रात में उजड़ गया पूरा परिवार

शंभूपुर गांव में इस घटना के बाद मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है. जिस घर में कुछ घंटे पहले पूजा का माहौल था, वहीं गोलियों की आवाज ने सब कुछ बदल दिया. पत्नी की हत्या, दो पुजारियों की मौत, बच्चों को बंधक बनाए जाने और फिर एक बच्चे तथा आरोपी की मौत ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद दर्दनाक बना दिया.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बहरहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. फॉरेंसिक टीम की जांच और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि कुछ ही पलों में बढ़ा विवाद किस तरह एक परिवार और पूरे गांव के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकता है.

Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...