Advertisement

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन ने पकड़ी रफ्तार, पालघर में 'माउंटेन टनल-6' का ब्रेकथ्रू संपन्न, महज 2 घंटे में तय होगा मुंबई-अहमदाबाद का सफर

महाराष्ट्र के पालघर जिले में टनल (माउंटेन टनल-6) का ब्रेकथ्रू हुआ है. रेल मंत्री अशिवनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका अवलोकन किया.

महाराष्ट्र में परियोजनाओं की बाढ़ आई हुई है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा बुलेट ट्रेन परियोजना (MAHSR) की है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने महाराष्ट्र में एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. पालघर जिले में ‘माउंटेन टनल 6’ का सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू संपन्न हुआ है. महाराष्ट्र ने विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धी हासिल कर ली है. इस उपलब्धी के साथ ही महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य ने अपनी रफ्तार और ज्यादा तेज कर दी है. 

यह उपलब्धी इसलिए भी ख़ास है क्योंकि पालघर जिले में महज महीने के भीतर यह दूसरा टनल ब्रेकथ्रू है. इससे पहले 2 जनवरी को सफाले के पास लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी टनल-5 का काम पूरा किया गया था. वहीं अब टनल-6 का भी ब्रेकथ्रू हो चुका है.  

टनल-6 की तस्वीर दिखाते रेल मंत्री

महाराष्ट्र-गुजरात को कनेक्टिविटी देगा टनल

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका अवलोकन किया. ये टनल महाराष्ट्र के पालघर के दहाणू रोड इलाके में है. जानकारी के अनुसार, इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है, जो महाराष्ट्र और गुजरात के बीच तेज और आरामदायक कनेक्टिविटी देगा. अभी तक परियोजना में काफी काम पूरा हो चुका है. कुल 508 किलोमीटर में से 334 किलोमीटर वायाडक्ट और 417 किलोमीटर पियर्स का काम पूरा हो गया है. इसके अलावा 17 नदी पुल, 5 पीएससी पुल और 13 स्टील पुलों का निर्माण भी हो चुका है.

247 किलोमीटर लंबे रुट पर 4.9 लाख से ज्यादा नॉइज बैरियर्स

247 किलोमीटर लंबे रूट पर 4.9 लाख से ज्यादा नॉइज बैरियर्स लगाए जा चुके हैं. ट्रैक की बात करें तो 308 ट्रैक किलोमीटर यानी 154 रूट किलोमीटर आरसी ट्रैक बेड तैयार हो गया है. मुख्य मार्ग पर लगभग 125 रूट किलोमीटर क्षेत्र में 5,400 से ज्यादा ओवरहेड इलेक्ट्रिक मास्ट लगाए जा चुके हैं.

8 सुरंगों में 2 का उत्खनन पूरा हुआ

महाराष्ट्र में सात प्रस्तावित पर्वतीय सुरंगों में से पहली माउंटेन टनल का ब्रेकथ्रू हो गया है, जबकि आठ में से दो सुरंगों का उत्खनन भी पूरा हो चुका है. बीकेसी और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग में 5 किलोमीटर एनएटीएम टनल का उत्खनन हो गया है. सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण जारी है. गुजरात के सभी स्टेशनों का सुपरस्ट्रक्चर लगभग तैयार है, जबकि महाराष्ट्र में तीन एलिवेटेड स्टेशनों पर काम चल रहा है और मुंबई के भूमिगत स्टेशन पर स्लैब कास्टिंग तेजी से हो रही है.

बदलती कनेक्टिविटी का नया चेहरा

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर बहुत ही आसान और तेज होने वाला है. आने वाले सालों में यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दोनों राज्यों की कनेक्टिविटी बदलने वाला है और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और समय बचाने वाला सफर देगा.

 

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

अधिक →
अधिक →