Advertisement
दिव्यांगजनों के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, UPSRTC बसों में QR कोड स्कैन करते ही मिलेगा फ्री टिकट
यूपीएसआरटीसी ने दिव्यांगजनों के लिए ईटीआईएम मशीन से सीधे नि:शुल्क टिकट जारी करने की सुविधा शुरू की है. क्यूआर कोड स्कैन होते ही यात्री की जानकारी दर्ज होगी और शून्य मूल्य का टिकट जारी किया जा सकेगा.
Advertisement
दिव्यांगजनों को बस यात्रा में और अधिक सहूलियत देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने ईटीआईएम मशीन के अपडेटेड वर्जन में नि:शुल्क टिकट जारी करने की सुविधा शुरू की है. बुधवार से शुरू हुई इस व्यवस्था में परिचालक दिव्यांगजन पहचान पत्र पर दर्ज क्यूआर कोड को ईटीआईएम मशीन से स्कैन कर सीधे शून्य मूल्य का टिकट जारी कर सकेंगे. इससे टिकट जारी करने की प्रक्रिया आसान और अधिक पारदर्शी होगी. इसी के साथ योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए एक और सुविधा को जोड़ दिया.
यूपीएसआरटीसी के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत परिचालक को सबसे पहले यात्रा का बोर्डिंग और अलाइटिंग स्थान चुनना होगा. इसके बाद ईटीआईएम मशीन में दिए गए ‘दिव्यांगजन’ विकल्प पर क्लिक कर दिव्यांगजन के पहचानपत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा. क्यूआर कोड स्कैन होते ही मशीन की स्क्रीन पर संबंधित दिव्यांगजन की जानकारी प्रदर्शित होगी. इसमें यूआईडी संख्या, नाम, जन्मतिथि, दिव्यांगता का प्रकार, दिव्यांगता प्रतिशत और आधार संख्या जैसी जानकारी शामिल होगी.
दिव्यांगता प्रतिशत के हिसाब से टिकटों की संख्या
Advertisement
दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर ईटीआईएम मशीन स्वयं टिकटों की संख्या निर्धारित करेगी. 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने पर एक नि:शुल्क टिकट जारी होगा, जबकि 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होने पर दो नि:शुल्क टिकट जारी किए जाएंगे. इससे दिव्यांग व्यक्ति के साथ सहयात्री को भी नियमानुसार शून्य मूल्य का टिकट जारी होगा.
Advertisement
परिचालक की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी होगी
Advertisement
खास बात यह है कि ईटीआईएम से जारी दिव्यांगजन नि:शुल्क टिकट अब परिचालक के लोड फैक्टर में भी शामिल होंगे. इससे परिचालक की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी होगी. वहीं टिकट का विवरण निगम की रिपोर्टों में भी प्रदर्शित होगा. दिव्यांगजन टिकट के लिए अलग रिपोर्ट की सुविधा भी एएफसी प्रणाली में उपलब्ध कराई गई है. इससे नि:शुल्क यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा. इसके अतिरिक्त यदि किसी दिव्यांगजन पहचान पत्र पर बना क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो पाता है, तो परिचालक पूर्व की व्यवस्था के अनुसार दिव्यांगजन को यात्रा करा सकेंगे. इस तरह नई डिजिटल व्यवस्था के साथ मौजूदा सुविधा को भी जारी रखा गया है. वहीं, आलमबाग बस डिपो से गौरी बाजार के लिए दिव्यांगजन निशुल्क यात्रा के तहत बुधवार को पहला शून्य टिकट जारी किया गया. यह सुविधा नॉन एसी साधारण बस सेवा में लागू की गई है.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि यूपीएसआरटीसी की यह नई डिजिटल व्यवस्था दिव्यांगजनों के लिए नि:शुल्क बस यात्रा को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. इससे टिकट प्रक्रिया सरल होने के साथ यात्रा का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से दर्ज होगा.