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सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव! ITC लैब अपग्रेड से बदल जाएगी पढ़ाई की तस्वीर
Haryana School: बदलते समय के साथ बच्चों को तकनीक से जोड़ना जरुरी समझा जा रहा है , ताकि वे आगे चलकर सिर्फ नौकरी के लिए नहीं , बल्कि नए अवसर बनाने के लिए भी तैयार हो सकें. इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में आईटी लैब को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है.
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Haryana Government schools ITC Lab: हरियाणा सरकार ने अब शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सिमित नहीं रखने का फैसला लिया है. बदलते समय के साथ बच्चों को तकनीक से जोड़ना जरुरी समझा जा रहा है , ताकि वे आगे चलकर सिर्फ नौकरी के लिए नहीं , बल्कि नए अवसर बनाने के लिए भी तैयार हो सकें. इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में आईटी लैब को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है.
बजट का फायदा अब जमीन पर दिखेगा
नायब सरकार द्वारा बजट में की गई घोषणा अब धीरे-धीरे अमल में आ रही है. इसके तहत करीब दस साल पहले बने कई स्कूलों की इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) लैब को अब पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा. इसके लिए पहले चरण में लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि शिक्षा विभाग को जारी कर दी गई है.
मई महीने से इन लैब्स को आधुनिक बनाने का काम शुरू होने जा रहा है, ताकि छात्रों को नई तकनीक के साथ पढ़ाई करने का बेहतर अनुभव मिल सके.
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पुराने सिस्टम की जगह आएगा नया तकनीकी सेटअप
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अब तक जिन स्कूलों में कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर का पुराना सेटअप चल रहा था, वह आज के समय के हिसाब से काफी पीछे माना जा रहा है. खासकर जब बात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल स्किल्स की आती है, तो पुराने सिस्टम से बच्चों को उतना फायदा नहीं मिल पा रहा था.
इसी को ध्यान में रखते हुए अब लैब्स को पूरी तरह अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है, ताकि बच्चे आधुनिक तकनीक को आसानी से समझ और सीख सकें.
LED आधारित स्मार्ट लैब का होगा निर्माण
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सरकार अब इन स्कूलों में LED आधारित स्मार्ट लैब बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसका मकसद सिर्फ कंप्यूटर चलाना सिखाना नहीं है, बल्कि बच्चों को तकनीक, कौशल विकास और उद्योग से जुड़े नए हुनर सिखाना है.
इससे छात्र भविष्य में नौकरी के साथ-साथ खुद का काम शुरू करने के लिए भी तैयार हो सकेंगे.
शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की कोशिश
सरकार का फोकस अब इस बात पर है कि दसवीं के बाद बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले जो सीधे उनके करियर से जुड़ी हो. केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि ऐसा स्किल सेट मिले जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद करे. इसी दिशा में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने भी कहा है कि सरकार बच्चों को तकनीक और उद्यमिता की तरफ बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है.
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मई से शुरू होगा काम, स्कूलों में आएगा बदलाव
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इन सभी बदलावों की शुरुआत मई महीने से होने जा रही है. जैसे-जैसे नई तकनीक और उपकरण स्कूलों में पहुंचेंगे, वैसे-वैसे पढ़ाई का तरीका भी बदलता नजर आएगा.
यह कदम आने वाले समय में सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी प्राइवेट स्कूलों के स्तर की तकनीकी शिक्षा देने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है.