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आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रही कांग्रेस? सौरभ भारद्वाज ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने बड़े खर्च के साथ छात्र आंदोलन जैसा माहौल बनाने का प्रयास किया लेकिन वह पूरी तरह से स्वाभाविक जनसमर्थन जुटाने में सफल नहीं हो सकी. उनका दावा है कि 20 जुलाई को जब सीजेपी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और जेन-जेड वर्ग के लोग शामिल हुए तो कांग्रेस ने उसी आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश शुरू कर दी और राहुल गांधी को उसका नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया.
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छात्र आंदोलन और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए एक विस्तृत बयान जारी किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और ट्रोल्स छात्र आंदोलन को लेकर लगातार अपना रुख बदलते रहे और समय-समय पर अलग-अलग रणनीति अपनाते रहे.
कांग्रेस और राहुल गांधी पर सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, शुरुआत में कांग्रेस समर्थक सोशल मीडिया समूहों ने सीजेपी और अभिजीत डिपके की आलोचना की तथा पूरे अभियान को केवल सोशल मीडिया का बुलबुला बताने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि जब अभिजीत दिपके 6 जून को भारत पहुंचे तो जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मजाक उड़ाया गया और इसे महज 200 लोगों की भीड़ वाला प्रदर्शन बताया गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों से अधिक यूट्यूबर्स मौजूद होने का दावा किया गया.
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सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
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उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी के कार्यक्रमों और सभाओं को बड़े पैमाने पर प्रचारित किया गया तथा उन्हें आंदोलन का चेहरा बनाने की कोशिश हुई. हालांकि भारद्वाज का कहना है कि इन कार्यक्रमों में अधिकांश भीड़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की थी, न कि आम युवाओं की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगभग एक महीने तक विदेश में रहे और उस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने बड़े खर्च के साथ छात्र आंदोलन जैसा माहौल बनाने का प्रयास किया लेकिन वह पूरी तरह से स्वाभाविक जनसमर्थन जुटाने में सफल नहीं हो सकी. उनका दावा है कि 20 जुलाई को जब सीजेपी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और जेन-जेड वर्ग के लोग शामिल हुए तो कांग्रेस ने उसी आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश शुरू कर दी और राहुल गांधी को उसका नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया.
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आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने किया कांग्रेस की रणनीति का विरोध
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के पास बैठे और मीडिया के माध्यम से युवाओं से वहीं आने की अपील की, जिससे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का प्रभाव कम करने की कोशिश की गई. सौरभ भारद्वाज का दावा है कि इस प्रयास को जनता और आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्वीकार नहीं किया तथा आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने भी कांग्रेस की इस रणनीति का विरोध किया.
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अपने बयान के अंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब कांग्रेस की रणनीति सफल नहीं हुई तो उसके समर्थक फिर से शुरुआती चरण में लौट आए और एक बार फिर सीजेपी तथा आंदोलन से जुड़े लोगों पर सवाल उठाने लगे. उन्होंने इसे कांग्रेस की "बार-बार दोहराई जाने वाली राजनीतिक रणनीति" बताया.