'खुद ही खा-खाकर मोटे हो गए हैं...', CM योगी ने भरे सदन में किसे कही यह बात? जिसे सुनकर पक्ष-विपक्ष के सभी विधायकों ने लगाए ठहाके
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना पर बोलते हुए जिलों की पारंपरिक पहचान का जिक्र किया. इस दौरान जौनपुर की इमरती का जिक्र होते ही सदन में हल्का-फुल्का और उत्साहपूर्ण माहौल बन गया.
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उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में उस समय दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना पर बोल रहे थे. गंभीर चर्चा के बीच जौनपुर की इमरती का जिक्र ऐसा हुआ कि पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा.
दरअसल, यूपी विधानसभा में आमतौर पर सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष के बीच जुबानीजंग देखने को मिलती है लेकिन शुक्रवार को एक अलग तस्वीर सदन से बाहर आई. जब सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश का हर जनपद अपनी किसी न किसी खास पहचान के लिए जाना जाता है. बचपन से हम सुनते आए हैं कि मेरठ की रेवड़ी और गजक, हाथरस की हिंग, हापुड़ के पापड़, इलाहाबाद के अमरूद, बलिया का हलवा और जौनपुर की इमरती पूरे प्रदेश में मशहूर हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ का उद्देश्य इन्हीं पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान और बाजार देना है. इस योजना के तहत स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं.
किस बात CM योगी ने किया पलटवार?
इसी दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक स्वामी ओमवेश ने किसी अन्य प्रसिद्ध खानपान का जिक्र करने की कोशिश की. इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए चुटकी ली और कहा कि ‘आपने कभी खिलाया ही नहीं, तो कोई कैसे बोलेगा.’ उन्होंने हंसी-ठिठोली में यह भी कह दिया कि ‘खुद ही खा-खाकर मोटे हो गए हैं.’ इस टिप्पणी पर सदन में मौजूद सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए. जवाब में स्वामी ओमवेश ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह 25 किलो वजन कम करने का संकल्प लेते हैं. माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह हल्का हो गया.
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CM योगी ने शिवपाल यादव पर कसा तंज
सत्र के दौरान एक और रोचक पल तब आया, जब मुख्यमंत्री ने सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव का जिक्र किया. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे की सरलता और विनम्रता की सराहना करते हुए कहा कि वे स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों, साथ ही मजाक में यह भी जोड़ दिया कि ‘शिवपाल जी का श्राप उन पर न लगे.’ इस टिप्पणी के बाद सदन में फिर से हंसी गूंज उठी और माता प्रसाद पांडे ने हाथ जोड़कर प्रतिक्रिया दी. हालांकि हंसी-मजाक के बीच मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला भी बोला. उन्होंने मंत्री डॉक्टर संजय निषाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जब गरीब का बेटा मंत्री बनता है तो कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगता. उन्होंने सवाल उठाया कि केवल बड़ी घोषणाएं करने से विकास नहीं होता, परिणाम भी दिखने चाहिए. उनका दावा था कि आज देश-विदेश के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक हैं और राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है.
बताते चलें कि बजट सत्र की यह कार्यवाही एक बार फिर साबित करती है कि राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है. गंभीर बहस के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक लोकतंत्र की जीवंतता को भी बताती है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसे विषय पर चर्चा के दौरान जौनपुर की इमरती ने जिस तरह माहौल में मिठास घोली, वह लंबे समय तक याद रखी जाएगी.