यमुना की सफाई, नई AC बसें और रेल कॉरिडोर… हरियाणा सरकार ने किए बड़े एलान

Haryana: यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा में 180 किलोमीटर तक बहती है और दिल्ली से निकलने के बाद फिर 70 किलोमीटर तक जाती है. नदी को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार ने विस्तृत योजना बनाई है.

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21 Feb 2026
( Updated: 21 Feb 2026
03:25 PM )
यमुना की सफाई, नई AC बसें और रेल कॉरिडोर… हरियाणा सरकार ने किए बड़े एलान
Image Source: Social Media

Haryana: दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना नदी की सफाई एक बड़ा मुद्दा रही. हरियाणा सरकार इस मामले में गंभीर है और यमुना एक्शन प्लान के तहत नदी के जल को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है.
यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा में 180 किलोमीटर तक बहती है और दिल्ली से निकलने के बाद फिर 70 किलोमीटर तक जाती है. नदी को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार ने विस्तृत योजना बनाई है.

यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना

हरियाणा सरकार ने मार्च 2028 तक यमुना के जल को साफ करने के लिए आठ कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) 146 एमएलडी क्षमता वाले और 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) 622 एमएलडी क्षमता वाले बनाने का लक्ष्य रखा है. इससे नदी का पानी प्रदूषण मुक्त होगा और पर्यावरण की स्थिति में सुधार होगा.
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार एसवाईएल नहर और अन्य जल प्रबंधन परियोजनाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

फसल अवशेष प्रबंधन और सड़कों का विकास

हरियाणा सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति एकड़ कर दी है. साथ ही राज्य की सभी 12 फुट चौड़ी सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है.
मार्च 2026 तक 1,275 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हो जाएगा. बाकी 2,225 किलोमीटर लंबी सड़कों का काम मार्च 2027 तक खत्म करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.

सार्वजनिक परिवहन और शहरों के लिए नई बसें

राज्यपाल ने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और 10 अन्य शहरों के लिए 650 स्टैंडर्ड फ्लोर AC बसें शुरू की जाएंगी. यह शहरी परिवहन को आधुनिक और आरामदायक बनाएंगी.
हर जिले को नेशनल हाईवे से सीधे जोड़ने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए लेवल क्रॉसिंग हटाने का काम भी किया जाएगा. पानीपत में इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार हो गया है, और यमुनानगर-जगाधरी में 31 मार्च 2026 तक डिपो तैयार हो जाएगा.

हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर

राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर की लागत लगभग 11,607 करोड़ रुपये है. इसका प्राथमिक सेक्शन पातली-मानेसर माल गाड़ियों के लिए खोला जा चुका है.
पूरे प्रोजेक्ट को जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे माल और यात्री परिवहन तेज और सुरक्षित होगा.

स्टेट मिनी क्लस्टर डेवलपमेंट

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स्टेट मिनी क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के तहत कामन फैसिलिटी सेंटर बनाने के लिए 49 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से बचे हुए 17 पर तेजी से काम चल रहा है.
इस पूरी योजना से हरियाणा में यातायात, पर्यावरण और शहरी सुविधाओं में सुधार होगा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की जीवनशैली दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा.

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