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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पुराने ट्रक-बस होंगे बाहर, नए वाहन खरीदने पर मिलेगी टैक्स में बड़ी राहत
Haryana: सरकार अब ऐसे पुराने ट्रक और बसों को धीरे -धीरे सड़कों से हटाएगी, जो ज्यादा धुआं छोड़कर हवा को प्रदूषित कर रहे हैं. इस फैसले के तहत करीब 93 हजार से ज्यादा ट्रक और 16 हजार से अधिक बसें प्रभावित होंगी.
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Haryana: दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया हैं. सरकार अब ऐसे पुराने ट्रक और बसों को धीरे -धीरे सड़कों से हटाएगी, जो ज्यादा धुआं छोड़कर हवा को प्रदूषित कर रहे हैं. इस फैसले के तहत करीब 93 हजार से ज्यादा ट्रक और 16 हजार से अधिक बसें प्रभावित होंगी. सरकार का मानना हैं कि पुराने वाहनों की जगह नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन आने से NCR की हवा को साफ रखने में काफी मदद मिलेगी...
बीएस-3 तक के वाहन होंगे स्क्रैप, बीएस-4 वालों को मिलेगा दूसरा विकल्प
नई व्यवस्था के अनुसार, बीएस-3 और उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक और बसों को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर भेजना अनिवार्य होगा. यानी इन वाहनों को अब सड़क पर नहीं चलाया जा सकेगा.
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वहीं, बीएस-4 वाहनों के मालिकों को थोड़ी राहत दी गई है. वे चाहें तो अपने वाहन को स्क्रैप कराने के बजाय एनसीआर से बाहर या किसी दूसरे राज्य में बेच सकते हैं. इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान कम होगा.
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नया वाहन खरीदने पर टैक्स में मिलेगी बड़ी छूट
सरकार ने सिर्फ पुराने वाहन हटाने का फैसला नहीं लिया, बल्कि नए वाहन खरीदने वालों के लिए भी राहत का इंतजाम किया है. अगर कोई वाहन मालिक बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी आधारित नया ट्रक या बस खरीदता है, तो उसे मोटर वाहन कर में 50 फीसदी तक की छूट मिलेगी.
इसके अलावा नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में भी छूट दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है.
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10 साल तक मिलेगा इस योजना का फायदा
सरकार ने साफ किया है कि मोटर वाहन कर में मिलने वाली यह छूट सिर्फ कुछ महीनों के लिए नहीं, बल्कि 10 साल तक लागू रहेगी. यानी जो लोग इस योजना के तहत नया वाहन खरीदेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसका लाभ मिलेगा. यह फैसला परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
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योजना का लाभ लेने के लिए ये शर्तें जरूरी
सरकार ने इस योजना के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की हैं. सबसे पहले, पुराना वाहन हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जिले में पंजीकृत होना चाहिए. इसके अलावा नया वाहन बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी मॉडल का होना जरूरी है.
योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं वाहनों को मिलेगा, जिनका नया पंजीकरण भी एनसीआर के जिलों में कराया जाएगा. ऐसे वाहन मालिकों को मोटर वाहन कर और रजिस्ट्रेशन फीस दोनों में छूट दी जाएगी.
सरकार का मकसद- प्रदूषण कम हो और लोगों को भी राहत मिले
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हरियाणा सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पुराने वाहनों को हटाना नहीं है, बल्कि लोगों को साफ और आधुनिक तकनीक वाले वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है. इससे एक तरफ एनसीआर में प्रदूषण कम होगा, वहीं दूसरी तरफ वाहन मालिकों को टैक्स और फीस में राहत मिलने से नए वाहन खरीदना भी आसान हो सकेगा.