हरियाणा सरकार का फैसला, शहीद सैनिकों के बच्चों को मिलेगी 5 से 8 हजार रुपये मासिक सहायता

Haryana: यह छात्रवृत्ति योजना हरियाणा सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शहीदों के परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और सहारा देना प्राथमिकता है. इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा.

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31 Jan 2026
( Updated: 31 Jan 2026
12:10 PM )
हरियाणा सरकार का फैसला, शहीद सैनिकों के बच्चों को मिलेगी 5 से 8 हजार रुपये मासिक सहायता
Imsg e Source:Social Media

Haryana: हरियाणा सरकार ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों के बच्चों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लिया है. सरकार ने नई छात्रवृत्ति योजना को लागू कर दिया है, जिसके तहत शहीद या ड्यूटी के दौरान हताहत हुए सैनिकों के बच्चों को हर महीने 5,000 से 8,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस योजना का मकसद यह है कि शहीदों के बच्चों की पढ़ाई किसी भी वजह से न रुके.

नोटिफिकेशन जारी, योजना हुई लागू

इस योजना को लेकर सैनिक और अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जून 2025 में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी थी. यह वही वादा था, जिसे उन्होंने विधानसभा चुनावों से पहले अपने संकल्प पत्र में शामिल किया था.अब नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही यह योजना पूरी तरह लागू हो गई है                                                                                               

पढ़ाई के हिसाब से तय हुई छात्रवृत्ति राशि

सरकार ने छात्रों की शिक्षा के स्तर के अनुसार छात्रवृत्ति की राशि तय की है, ताकि उनकी पढ़ाई का खर्च आसानी से पूरा हो सके.
कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों को

 60,000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाएंगे
ग्रेजुएशन (स्नातक) कर रहे छात्रों को

72,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता मिलेगी
पोस्ट ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) कर रहे छात्रों को

96,000 रुपये प्रति वर्ष यानी लगभग 8,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे
इस तरह सरकार सालाना 96 हजार रुपये तक की मदद शहीदों के बच्चों को देगी.

किन सैनिकों के बच्चों को मिलेगा लाभ?

यह योजना केवल उन्हीं सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के बच्चों के लिए है, जिनकी मृत्यु या शहादत ड्यूटी के दौरान हुई हो। इसमें कई तरह की परिस्थितियां शामिल की गई हैं, जैसे-

युद्ध के दौरान शहादत
आईईडी विस्फोट या आतंकवादी हमला
सीमा पर झड़पें
ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकना
हवाई दुर्घटना या समुद्र में मृत्यु
आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी
प्राकृतिक आपदाओं और बचाव अभियानों के दौरान मृत्यु
सरकार का मानना है कि इन सभी परिस्थितियों में सैनिकों को असाधारण साहस और त्वरित निर्णय क्षमता की जरूरत होती है, और उनका बलिदान सर्वोच्च सम्मान के योग्य है.

हरियाणा का निवासी होना जरूरी

  • पॉलिसी में यह भी साफ किया गया है कि योजना का लाभ पाने के लिए
  • मृतक सैनिक या कर्मचारी को सेवा में शामिल होने के समय हरियाणा का निवासी होना चाहिए.
  • भले ही बाद में उनका निवास किसी अन्य राज्य में हो गया हो, फिर भी पात्रता बनी रहेगी.

सम्मान और सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम

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यह छात्रवृत्ति योजना हरियाणा सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शहीदों के परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और सहारा देना प्राथमिकता है. इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा.सकार का यह कदम शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है.

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